Vietnam tourism: बजट फ्रेंडली होने और आसान ई वीजा के कारण हर साल लाखों भारतीय वियतनाम घूमने पहुंच रहे हैं, लेकिन फु क्वोक द्वीप पर हुए दर्दनाक बोट हादसे ने अब पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है.

Vietnam tourism: आजकल भारतीय टूरिस्टों के सिर पर विदेश घूमने का एक अलग ही भूत सवार है भाई. यूरोप और अमेरिका के महंगे दौरों को छोड़कर अब ज्यादातर लोग दक्षिण पूर्व एशिया के खूबसूरत देश वियतनाम की तरफ भाग रहे हैं. कम बजट में शानदार नजारे मिलने की वजह से वियतनाम भारतीयों की पहली पसंद बन चुका है. लेकिन इसी बीच वियतनाम के खूबसूरत फु क्वोक द्वीप से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. वहां भारतीय पर्यटकों से भरी एक स्पीड बोट अचानक समंदर में पलट गई. इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को जैसे तैसे बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया. इस घटना ने वियतनाम जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चिंता खड़ी कर दी है.
आंकड़ों में देखिए कैसे वियतनाम जाने के लिए पागल हो रहे हैं भारतीय
अगर आप आंकड़ों पर नजर डालेंगे तो हैरान रह जाएंगे कि भारतीय किस रफ्तार से वियतनाम पहुंच रहे हैं. इस साल 2026 के शुरुआती चार महीनों यानी जनवरी से अप्रैल के बीच ही 3 लाख 24 हजार से ज्यादा भारतीय वियतनाम घूमने जा चुके हैं. यह संख्या पिछले साल के मुकाबले करीब 59 फीसदी ज्यादा है. अकेले अप्रैल के महीने में ही 81 हजार से ज्यादा भारतीयों ने वहाँ की टिकट कटवाई थी. ट्रैवल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही माहौल रहा, तो इस साल के खत्म होने तक वियतनाम जाने वाले भारतीयों का आंकड़ा 10 लाख को पार कर जाएगा. लोग अब महंगे यूरोपीय देशों में जाने के बजाय वियतनाम के खूबसूरत पहाड़ों और समंदर के किनारों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं.
यूरोप का महंगा खर्च छोड़ आखिर क्यों वियतनाम चुन रहे हैं लोग
आखिर ऐसी क्या वजह है कि भारतीय धड़ाधड़ वियतनाम का रुख कर रहे हैं? इसका सबसे बड़ा कारण है बजट और सहूलियत. आजकल यूरोप की फ्लाइट्स का किराया आसमान छू रहा है. ऊपर से पश्चिम एशिया के हवाई रास्तों में चल रही तनातनी के कारण वहाँ जाने का समय भी बढ़ गया है. दूसरी तरफ वियतनाम सरकार ने भारतीयों के लिए 90 दिनों का मल्टी एंट्री ई वीजा शुरू कर दिया है, जिससे वीज़ा मिलने का झंझट बिल्कुल खत्म हो गया है. कम पैसों में बढ़िया होटल, बेहतरीन खान पान, लग्जरी रिसॉर्ट्स और प्राचीन संस्कृति का मजा एक साथ मिल जाता है. यही वजह है कि मिडिल क्लास से लेकर हनीमून कपल्स तक, हर कोई वियतनाम को अपनी लिस्ट में सबसे ऊपर रख रहा है.
एयरलाइंस ने भी खोला खजाना, भारत से वियतनाम के लिए उड़ रही हैं सीधी उड़ानें
भारतीयों की इस दीवानगी को देखते हुए बड़ी बड़ी एयरलाइंस कंपनियों ने भी भारत से वियतनाम के लिए अपनी सीधी उड़ानें बढ़ा दी हैं. अब वियतनाम जाना उतना ही आसान हो गया है जितना भारत के किसी दूसरे शहर में जाना. एयर इंडिया ने हनोई और हो ची मिन्ह सिटी के लिए अपनी डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू कर दी हैं. वहीं इंडिगो एयरलाइंस दिल्ली और कोलकाता से सीधे वियतनाम के लिए उड़ानें भर रही है. वियतनाम की अपनी बजट एयरलाइन ‘वियटजेट’ तो भारत के अलग अलग शहरों से हफ्ते में 78 उड़ानें चला रही है. उड़ानों की इस भरमार की वजह से टिकटों के दाम भी बजट में रहते हैं, जिससे पहली बार विदेश जाने वाले युवाओं के लिए यह सफर बेहद आसान हो गया है.
फु क्वोक द्वीप पर हुआ हादसा देता है सुरक्षा नियमों को मानने की बड़ी सीख
वियतनाम का फु क्वोक द्वीप अपने साफ नीले समंदर, सफेद रेत वाले बीच और दुनिया की सबसे लंबी केबल कार के लिए मशहूर है. यहाँ लोग स्नॉर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग जैसी वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज के लिए आते हैं. लेकिन हालिया बोट हादसे ने यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेश में मौज मस्ती के दौरान सुरक्षा से समझौता बिल्कुल नहीं करना चाहिए. जब भी समंदर में जाएं, हमेशा सरकारी मान्यता प्राप्त ऑपरेटर की ही बोट पर बैठें. मौसम खराब हो या चेतावनी जारी की गई हो, तो बोटिंग से पूरी तरह दूरी बना लें. सबसे जरूरी बात कि बोट पर बैठते ही लाइफ जैकेट जरूर पहनें. फु क्वोक का यह हादसा हमें याद दिलाता है कि जान है तो जहान है, इसलिए घूमने के साथ सुरक्षा भी जरूरी है.
