सीएम रेखा गुप्ता अब अवैध जमीन पर कब्जे को लेकर सख्त नियम अपना रही है. बता दें कि दिल्ली सरकार में भी अब अवैध निर्माण पर जीरो-टॉलरेंस नीति को अपनाया जा रहा है. यूपी में भी आए दिन अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने का काम किया जाता है. ऐसे में अब दिल्ली में भी इस नीति को लागू किया गया है.
बता दें कि 14 जुलाई दिन मंगलवार को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग में दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में पीतमपुरा में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार पर बुलडोजर चलाया गया है. बता दें कि यह मजार सरकारी जमीन पर बनाई गई थी. मजार को पूरी तरीके से ढहा दिया है, जिसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर आई है.
क्यों की जा रही है यह कार्रवाई?
दरअसल, दिल्ली विकास प्राधिकरण का कहना है कि यह मजार सड़क पर बनी हुई थी, जिसकी वजह से आवागमन में परेशानी हो रही थी. रास्ते को सुगम और जाम से मुक्ति दिलाने के लिए यह कदम उठाया गया है. साथ ही पीतमपुरा-शालीबार बाग में रोड़ का चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है. मजार को हटाने के पीछे का कारण आजादपुर, शालीमार बाग और रिंग रोड के आसपास में बने हुए आवासीय और व्यावसायिक इलाकों में ट्रैफिक जाम को कम करना है. इस कार्रवाई से आसपास के रोड पर कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी.
प्रभावित परिवार को 3 लाख की सहायता
सड़क के चौड़ीकरण की वजह से शालीमार और हैदरपुर इलाके में भी अतिक्रमण का काम किया जा रहा है. प्रभावित परिवारों को 3 लाख रुपये की सहायता भी सरकार की तरफ से दी जा रही है. सोमवार के दिन में DDA ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों को सख्त चेतावनी दी है. DDA ने कहा है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण जैसी गतिविधियां मिलने पर बिना किसी नोटिस के कार्रवाई होगी. साथ ही ध्वस्तीकरण अभियान में होने वाला पूरा खर्च भीं संबंधित कब्जाधारकों से ही वसूला जाएगा.
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