पटना के न्यू करबिगहिया निवासी बंटी यादव की हत्या का मामला गरमाते नजर आ रहा है. भरत तिवारी मामला अभी शांत हुआ नहीं था कि बंटी यादव मामले के आने से बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. बंटी यादव का परिवार अनशन पर बैठ चुका है. ऐसे में बता कि जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मृत बंटी यादव के परिवार से मुलाकात की है.
परिवार ने प्रशांत को भरोसा दिलाकर कहा कि वह न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. साथ ही पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात भी करेंगे. उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि वह चार पांच दिन पहले यहां आए थे. उस समय पुलिस प्रशासन भी मौजूद थी और परिवार चार-पांच दिन पहले से ही धरने पर बैठा हुआ था. जब पुलिस और परिवार से उन्होंने कहा था तो पुलिस ने कहा कि 2 दिन के अंदर लड़के को ढूंढकर ले आया जाएगा.
प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘यह घटना जो हुई है, इसमें सरकार का आपराधिक चरित्र कही न कही है कि जाति देखकर के गोली मारो, गमछा देखकर के गोली मारो और धर्म देखकर के गोली मारो. जब मुखिया ही इन शब्दों का यूज करेगा, तो इस तरह के अपराध बढेंगें.’ साथ ही उन्होंने कहा कि ‘पुलिस जो रवैया अपना रही है, जिसमें किसी की मौत होने के बाद यह बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति शराब का काम कर रहा था. यह पूरी तरीके से गलत है. अगर व्यक्ति गलत था, तो उसको गिरफ्तार करना चाहिए. अगर पुलिस की बात मान भी ली जाए कि बंटी शराब के धंधे में था, तो उसके ऊपर आखिर कोई केस क्यों नहीं था? ऐसे हालत में भी पुलिस अधिकारी को संस्पेड करना चाहिए. स्थानीय लोगों ने बताया कि इस इलाके में गलत काम हो रहे हैं. पुलिस की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है. अपनी जान बचाने के लिए पुलिस मरे हुए इंसान के चरित्र पर सवाल उठाती है. जो कि बिल्कुल गलत है. पुलिस की वजह से बंटी की हत्या हुई है.’
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