Congress High Drama: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 84वें जन्मदिन के बहाने एकजुट हुए कांग्रेस नेताओं ने अचानक प्रधानमंत्री आवास की ओर कूच कर नीट और छात्र मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.

Congress High Drama: कांग्रेस ने मंगलवार को एक ऐसा राजनीतिक दांव चला जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. इसकी भनक न तो मीडिया को लगी और न ही खुफिया एजेंसियों को. मौका था पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 84वें जन्मदिन का. लेकिन इस बहाने पार्टी के बड़े नेता खड़गे के घर जुटे और फिर अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास की ओर कूच कर गए. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों ने पीएम आवास के बाहर धरना देकर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की.
जन्मदिन के लंच के बहाने बनी पूरी रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रदर्शन की योजना बेहद गुप्त तरीके से बनाई गई थी. पहले पार्टी की योजना संसद से विजय चौक तक मार्च करने की थी. लेकिन यह खबर लीक हो गई और नेताओं को लगा कि पुलिस उन्हें रास्ते में ही रोक देगी. इसके बाद रणनीति बदली गई. खड़गे के जन्मदिन पर लंच के बहाने सभी नेताओं को 10 राजाजी मार्ग बुलाया गया. दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही राहुल और प्रियंका समेत सभी सांसद वहां पहुंचे, सुरक्षा एजेंसियों को लगा कि यह सिर्फ एक पारिवारिक कार्यक्रम है.
अचानक पीएम आवास की तरफ बढ़ा काफिला
जैसे ही सभी बड़े नेता खड़गे के आवास पर इकट्ठा हुए, उनका काफिला अचानक करीब 2.3 किलोमीटर दूर प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ गया. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जब तक कुछ समझ पातीं, कांग्रेस नेता पीएम आवास के पास पहुंचकर धरने पर बैठ गए. सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नेताओं ने जोरदार नारेबाजी की. स्थिति संभालने के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने अपना विरोध जारी रखा.
सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र रह गया हैरान
कांग्रेस के इस अचानक उठाए गए कदम ने दिल्ली पुलिस को चौंका दिया. सोमवार की घटनाओं के बाद लुटियंस दिल्ली में पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था. पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया था. इसके बावजूद खुफिया एजेंसियों को कांग्रेस के इस गुप्त प्लान की जानकारी बिल्कुल नहीं मिल सकी. जब नेताओं का काफिला सड़क पर उतरा, तब पुलिस को आनन फानन में अतिरिक्त बल बुलाकर बैरिकेडिंग करनी पड़ी.
छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्लान
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर अपनी मजबूत पकड़ दिखाना चाहती है. नीट परीक्षा और पेपर लीक जैसे विषयों पर विपक्ष सरकार से लगातार संसद में चर्चा की मांग कर रहा है. इसके अलावा, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के आंदोलन के बीच कांग्रेस खुद को युवाओं की आवाज के तौर पर पेश करना चाहती है. इसी रणनीति के तहत पीएम आवास के बाहर अचानक धरना देकर सरकार पर बड़ा राजनीतिक दबाव बनाया गया.
