Kanpur Cough Syrup Scam: उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोडीन कफ सीरप की अवैध तस्करी और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस और एसआईटी ने बहुत बड़ी कार्रवाई की है. जांच टीम ने इस बहुचर्चित मामले में सरगना विनोद अग्रवाल, उसके सीए बेटे शिवम अग्रवाल और सहयोगी प्रभात खरे समेत मुख्य आरोपियों के खिलाफ 5,000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में इस पूरे अवैध कारोबार से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं.
कई राज्यों में फैला तस्करी का दायरा
जांच में सामने आया है कि यह पूरा सिंडिकेट उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और हरियाणा जैसे राज्यों में फैला हुआ था. आरोपियों ने इन पांच राज्यों में 32 फर्जी फर्में बना रखी थीं. इन कागजी और फर्जी फर्मों के जरिए महज 2 साल के भीतर 1.12 करोड़ कोडीन सीरप की बोतलों की अवैध सप्लाई की गई.
तस्करी का दायरा कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि श्रीराम मेडिकल एजेंसी ने ट्रकों के फर्जी नंबरों का इस्तेमाल किया.इन फर्जी नंबरों पर ट्रक दिखाने के बजाय कागजों में ई-रिक्शा, लोडर और ऑटो दर्ज किए गए और इसी तरह 21.50 लाख सीरप की फर्जी कागजी सप्लाई दिखा दी गई.
61 गवाह और 8 एफआईआर दर्ज
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) की छापेमारी के बाद अग्रवाल ब्रदर्स और अन्य आरोपियों की फर्मों के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 8 एफआईआर दर्ज की गई थीं. एसआईटी द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई इस चार्जशीट में मुकदमों के वादी, पुलिसकर्मी और ड्रग्स विभाग की टीम के सदस्यों समेत कुल 61 लोगों को गवाह बनाया गया है, जो इस अवैध खेल की पोल खोलेंगे.
फरार आरोपियों की तलाश
पुलिस और प्रशासन ने इस अवैध धंधे पर नकेल कसते हुए मुख्य आरोपी शिवम अग्रवाल और उसके परिवार की 8.50 करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज और कुर्क कर लिया है. इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना समेत 6 आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है. हालांकि, पुलिस इस गिरोह के बाकी बचे सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है, जिनमें वेद प्रकाश, अनमोल, मंजू और अभिषेक अभी भी फरार चल रहे हैं. पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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