अभी के समय बिहार सिवान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग करते हुए दिखाई दिए है. जैसे ही यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई पुलिस प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी, जिसके बाद उन्हें मामले में दोषी पाते हुए सस्पेंड कर दिया गया. प्रशासन ने बताया कि अभिषेक पटेल ने छात्र आंदोलन में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 असॉल्ट राइफल से फायरिंग की थी. अगर हवाई फायरिंग थोड़ी सी भी इधर-उधर होती तो किसी भी प्रदर्शनकारी की जान जा सकती थी.
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार अभिषेक पटेल ने पहले छात्रों के दिशा में गोली चलाई थी, उसके बाद वह आंदोलनकारियों के पीछे भागे थे. उन्होंने छात्रों पर कई राउंड फायरिंग की थी. वीडियो में वह 6 राउंड फायरिंग करते हुए और छात्रों के पीछे भागते दिखाई दिए थे.
क्यों और कब की गई यह फायरिंग
25 जुलाई के दिन वामपंथी छात्र संगठनों ने राज्यभर में नीट पेपर लीक विवाद पर बिहार बंद पर प्रदर्शन किया था. इसी दौरान लेकिन हिंसा हो गई थी. कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिला भर में जिसके बाद पुलिस बल तैनात किया गया था. उसी दौरान अभिषेक पटेल भी ड्यूटी पर तैनात थे. हालांकि, कई जिलों में प्रदर्शन शांतिपूर्वक हुआ, तो कई जगह पर प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया था. पुलिस की दी जानकारी के मुताबिक, पटना, औरंगाबाद, भागलपुर, सिवान और सारण में प्रदर्शन ने हिंसा का रूप लिया था. वहीं, नालंदा, समस्तीपुर और नवादा में प्रदर्शन शांतिपूर्वक हुआ था.
तेजस्वी यादव ने उठाया गंभीर सवाल
तेजस्वी यादव ने अपने एक्स हैंडल से मामले का वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि ‘सिवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर एके-47 से सीधे गोलीबारी की. जब कोई अपराधी… मुख्यमंत्री बन जाता है तो पुलिस निर्दोष छात्रों पर गोलियां चलाती है.’ उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री की इस मामले पर निंदा की है.
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