29 जुलाई 2026 को लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन बिल पास हो गया है. साथ ही लोकसभा कार्यवाही को 30 जुलाई 2026 सुबह 11 बजे तक के लिए स्पीकर ने स्थगित कर दिया गया है. हालांकि, यह कोई नया बिल नहीं है. ये एक पुराने बिल पब्लिक एग्जोमिनेशन एक्ट 2024 का संशोधन है. इस संशोधन में पेपर लीक करने वालों लोगों की सजा को और सख्त कर दिया गया है. पहले से कई ज्यादा सख्ती अब के पास बिल में देखने को मिल रही है. इसको भी लेकिन तीन अलग श्रेणी में रखा गया है.
छोटे अपराधी को मिलेगी ये सजा
अगर कोई अपराधी छोटा है, तो उसे 5 से 10 साल तक की सजा दी जाएगी. बता दें कि छोटे अपराधी वह लोग जो नकल करने में मदद करते हैं या पेपर बेचने में मदद करते हैं. जेल की हवा के साथ-साथ उन्हें 50 लाख का जुर्माना भी देना होगा.
वहीं, अगर कोई संगठित गिरोह ऐसा करता है, तो उसे 7 से 10 साल की सजा दी जाएगी. साथ ही 10 करोड़ का जुर्माना भी दिया जाएगा. अगर वह जुर्माना नहीं भर पाता है तो उसकी संपत्ति को हड़प कर इस जुर्माने को निकाला जाएगा.
अगर पेपर लीक कराने में कोई बड़ी कंपनी शामिल है, तो उसे 5 करोड़ रुपये का जुर्माना देना होगा. साथ ही उस कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा. 8 साल तक वह कोई भी पेपर नहीं करा पाएगा.
हालांकि, इसमें सबसे खास बात यह है कि अगर कोई हिम्मत दिखा कर पेपर लीक करता है तो उस मामले की जांच में भी तेजी लाई जाएगी. पहले जांच कई सालों तक चलती थी, लेकिन अब महीने के अंदर ही अंदर जांच की रिपोर्ट सौंपनी होगी. साथ ही मामले की जांच भी फास्ट ट्रैक कोर्ट ही करेगी. इसके अलावा जज पर प्रेशर डाला गया है. उसे भी 3 महीने के अंदर ही मामले पर फैसला सुनना होगा.
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