झारखंड में परीक्षा और भर्ती को लेकर हो रहे प्रदर्शन को 13 दिन हो गए है. छात्र लगातार बातचीत की मांग कर रहे हैं. ऐसे में खबर सामने आ रही है कि सरकार बातचीत के लिए कमेटी बनाने वाली है. वह छात्रों से बातचीत के लिए तैयार हो चुकी है.
क्यों प्रदर्शन कर रहे छात्र
दरअसल, छात्रों का कहना है कि 14वीं जेपीएससी को रद्द किया जाएं. साथ ही उसमें होने वाली धांधली और गड़बडियों की CBI जांच करवाई जाएं. छात्रों का आरोप है कि कुछ छात्रों का सेलेक्शन 300 में से 299 अंक पाकर भी नहीं हो गया है. तो वहीं, कुछ उम्मीदवारों का चयन 100 में से 48 नंबर लाने के बाद भी हुआ है. इसके अलावा मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जो कि परीक्षा का संचालन करती है, वह पहले से ही अन्य परीक्षाओं में धांधली और ओएमआर शीट घोटाले के बाद से विवादों में आने की वजह से blacklisted थी. उसके बाद भी उसे दूसरे राज्य में परीक्षा कराने के मौका क्यों दिया गया.
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा है कि हेमंत सोरेन सरकार में आए दिन परीक्षा में व्यापक धांधली हुई है. साथ ही पेपर लीक भी हुआ है. 1 किलोमीटर की दूरी पर सीएम आवास है. उसके बावजूद सीएम बात नहीं बात कर रहे है. लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है. छात्रों ने मांग की है कि सीएम या सरकार का प्रतिनिधि मंडल बातचीत करें. जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी. तब तक वह धरना जारी रखेंगे. CID जांच केवल लीपापोती के लिए की जा रही है.
सीएम का बयान भी प्रदर्शन पर बैठे प्रदर्शनकारियों का निराशाजनक लगा है. 25 से 27 जुलाई 2026 तक 14वीं सयुंक्त सिवित मुख्य परीक्षा के साथ-साथ 9 परीक्षाएं अगले आदेश तक के लिए स्थगित की गई है. यह फैसला CID जांच के बीच में लिया गया है.
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