Chamoli Tunnel incident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में हुए टनल हादसे को अब तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरंग के भीतर लापता हुए दो मजदूरों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. इस दुर्घटना में अब तक आठ श्रमिकों की जान जा चुकी है, जिससे पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है. इस दुखद घटना के बाद प्रशासन और राहत बचाव दल लगातार सुरंग के अंदर और बाहर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में जुटे हैं ताकि किसी तरह फंसे हुए लोगों तक पहुंचा जा सके. हादसे में घायल हुए ग्यारह श्रमिकों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है.
मजदूरों और स्थानीय लोगों में गुस्सा
इस पूरी दुर्घटना के बाद THDC जल विद्युत परियोजना प्रबंधन द्वारा मारे गए श्रमिकों के परिजनों के लिए पांच लाख रुपये का मुआवजा तय किया गया है. इस घोषणा के सामने आते ही स्थानीय लोगों और श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इस राशि पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की. मजदूरों का कहना है कि एक इंसान की जिंदगी और उसकी मौत की कीमत महज पांच लाख रुपये तय करना पूरी तरह से अनुचित है. मुआवजे की इस कम राशि को लेकर टनल के बाहर स्थानीय नागरिकों, श्रमिकों और कंपनी के सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और बहस देखने को मिली.
मंत्रियों और नेताओं को झेलना पड़ा जनता का विरोध
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जब उत्तराखंड के मंत्री स्थिति का जायजा लेने के लिए पीपलकोटी पहुंचे, तो उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आक्रोशित श्रमिकों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा. लोगों का आरोप है कि कंपनी द्वारा सुरक्षा के सभी मानकों को ताक पर रखकर लगातार सुरंग के अंदर काम करवाया जा रहा था, जिसकी वजह से आठ मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी. मजदूरों और स्थानीय जनता का यह भी कहना है कि अगर सुरक्षा नियमों का ध्यान रखा जाता, तो शायद यह बड़ा हादसा टल सकता था. हालांकि, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों द्वारा उचित कार्रवाई और जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद किसी तरह लोगों का गुस्सा शांत हुआ.
इस पूरी घटना के बीच राज्य के मुख्यमंत्री के दौरे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. हाल ही में खराब मौसम और बेहद कम विजिबिलिटी के बीच मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर चमोली पहुंचा था, जहां उन्होंने टनल हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की थी. इस मुश्किल मौसम में उड़ान भरकर चमोली पहुंचने के इस वीडियो को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर राजनीतिक समर्थकों द्वारा इस घटना की तुलना अन्य दलों के नेताओं के दौरों से की जा रही है, जिससे इस दुर्घटना के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.
फिलहाल चमोली के पीपलकोटी में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और हर किसी की निगाहें रेस्क्यू टीम के अगले कदमों पर टिकी हैं. प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर लापता चल रहे दोनों मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है. इस हादसे ने एक बार फिर से पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोग और श्रमिक संगठन अब यह मांग कर रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि मेहनतकश मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ न किया जा सके.
