Onion Price Control India 2026: उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने प्याज सड़ने की खबरों को खारिज करते हुए CWC के जरिए बफर स्टॉक सुरक्षित रखा है और दिल्ली में 35 रुपये किलो रियायती प्याज की बिक्री शुरू की है.

Onion Price Control India 2026: देश में प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. प्याज के दामों में आए उछाल के बीच उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में प्याज की कोई कमी नहीं है. उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने प्याज सड़ने के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने बताया कि सरकार के पास 1.21 लाख टन का बफर स्टॉक सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता में उपलब्ध है. बाजार में प्याज की सुचारू उपलब्धता बनाए रखने के लिए इस बार भंडारण और आपूर्ति की रणनीति में बड़ा बदलाव किया गया है, ताकि आम उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर प्याज मिल सके.
इस बार निजी व्यापारियों के बजाय सीडब्ल्यूसी को मिला जिम्मा
सरकार ने इस साल प्याज को सुरक्षित रखने के लिए पुरानी व्यवस्था में सुधार किया है. पहले जहां प्याज का बफर स्टॉक निजी व्यापारियों के पास रखा जाता था, वहीं इस बार यह जिम्मेदारी केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को सौंपी गई है. इस नए इंतजाम से प्याज की शेल्फ लाइफ बेहतर हुई है. स्टॉक की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने के लिए एक थर्ड पार्टी एजेंसी को लगाया गया है. सचिव निधि खरे ने बताया कि प्याज में 90 प्रतिशत पानी होता है और तीन महीने बाद यह धीरे-धीरे सिकुड़ने लगता है. सही वेंटिलेशन और बेहतर रखरखाव के चलते इस साल प्याज की रिकवरी 72 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले सालों के मुकाबले काफी बेहतर है.
‘कांदा एक्सप्रेस’ से प्रमुख शहरों में भेजी जा रही प्याज की खेप
प्याज की जमाखोरी रोकने और कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेन चला रही है. नासिक से प्याज लेकर 21 वैगनों वाली पहली कांदा एक्सप्रेस 453.65 टन प्याज के साथ दिल्ली पहुंच चुकी है. इसके अलावा चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी जैसे बड़े शहरों में भी रेल के जरिए बड़े पैमाने पर स्टॉक भेजा जा रहा है. दिल्ली-एनसीआर में आपूर्ति बढ़ने से अगले एक हफ्ते के भीतर खुदरा दामों में गिरावट देखने को मिलेगी. दिल्ली से प्याज की यह खेप आसपास के शहरों जैसे चंडीगढ़, लुधियाना और जम्मू में भी भेजी जाएगी, जिससे उत्तर भारत में सप्लाई चेन मजबूत होगी.
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को 35 रुपये किलो मिलेगी सब्सिडी वाली प्याज
बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए सरकार ने रियायती दरों पर प्याज बेचने का फैसला किया है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नासिक से आई प्याज को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जाएगा. इसका वितरण नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से किया जा रहा है. मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में खुदरा प्याज के दाम बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे, जो पिछले साल 33 रुपये किलो थे. पूरे देश में औसत खुदरा दर 46.58 रुपये और थोक भाव 38.29 रुपये दर्ज किया गया था. रियायती बिक्री शुरू होने से ग्राहकों की जेब पर बोझ कम होगा.
खरीफ और रबी की फसलों को लेकर बेहतर उम्मीदें
आने वाले महीनों में प्याज की उपलब्धता को लेकर स्थिति काफी सकारात्मक नजर आ रही है. अल-नीनो का असर खत्म होने से मानसून और सिंचाई व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है. देश के प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर बेहतर है, जिससे खरीफ और रबी फसलों की पैदावार अच्छी रहने की उम्मीद है. वर्ष 2025-26 के लिए देश में 307.37 लाख टन प्याज उत्पादन का अनुमान जताया गया है, जो पिछले साल के 307.67 लाख टन के लगभग बराबर ही है. उत्पादन के ये आंकड़े बताते हैं कि देश में प्याज की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक रहेगा.
आने वाले दिनों में कम होंगे प्याज के दाम
सरकार के इस त्वरित कदम से बाजार में प्याज की कृत्रिम किल्लत बनाने वाले जमाखोरों पर नकेल कसेगी. रेलवे के माध्यम से तेजी से माल पहुंचाने और सीडब्ल्यूसी के आधुनिक गोदामों में स्टॉक सुरक्षित रखने से नुकसान काफी कम हुआ है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को भरोसा है कि कांदा एक्सप्रेस की लगातार आवक से अगले कुछ ही दिनों में खुदरा बाजार में कीमतें नीचे आ जाएंगी. सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि त्योहारों और आने वाले सीजन में आम लोगों को सस्ते दामों पर पर्याप्त प्याज मिलती रहे.
