Nepal Bhote Koshi River News 2026: तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से नेपाल की भोटेकोशी नदी में फिर उफान आ गया है, जिसके बाद चीन से मिली चेतावनी पर रसुवा से मुग्लिन तक तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर बस्तियां खाली कराई जा रही हैं.

Nepal Bhote Koshi River News 2026: नेपाल और तिब्बत सीमा के इलाकों में कुदरत का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है. तिब्बत वाले हिस्से में ग्लेशियर टूटने की वजह से नेपाल की प्रसिद्ध भोटेकोशी नदी में एक बार फिर भयंकर जलप्रलय आ गया है. नदी में पानी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है और बहाव विकराल रूप ले चुका है. रसुवा जिले के पुलिस कार्यालय को चीन की ओर से शुक्रवार रात 8:54 बजे इस खतरे की आधिकारिक सूचना दी गई. खबर मिलते ही नेपाल के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. प्रशासन ने बिना समय गंवाए रसुवा से लेकर मुग्लिन तक त्रिशूली नदी के किनारे बसी तमाम बस्तियों को खाली कराने की हिदायत दी है.
तटीय इलाकों में लाउडस्पीकर और सायरन से लोगों को किया जा रहा अलर्ट
चीन से चेतावनी मिलने के तुरंत बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन जिलों का स्थानीय प्रशासन एक्शन में आ गया है. नदी के तटीय क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमों को तुरंत तैनात कर दिया गया है. नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल के जवान रात में ही गश्त लगा रहे हैं. तटीय गांवों और कस्बों में लाउडस्पीकर और सायरन बजाकर सो रहे लोगों को जगाया जा रहा है. अफसरों की गाड़ियां इलाकों में घूम-घूमकर नागरिकों को फौरन अपने पक्के मकानों और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील कर रही हैं. सभी आपातकालीन आपदा इकाइयों को किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तैयार रखा गया है.
नदी के अस्थायी तटबंध टूटने की कगार पर, पुलों पर आवाजाही बंद
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आ रहे तीव्र बहाव की वजह से किनारे बने कच्चे और अस्थायी तटबंधों के टूटने का भारी खतरा पैदा हो गया है. पानी के प्रचंड वेग को देखते हुए प्रशासन ने ऐहतियाती कदम उठाए हैं. त्रिशूली नदी के समानांतर गुजरने वाले मुख्य राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. इसके साथ ही नदी पर बने सभी पुराने और झूला पुलों से लोगों का पैदल निकलना भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले सभी मजदूरों और कर्मचारियों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया गया है.
रात के समय नदी तटों की ओर न जाने की कड़ी चेतावनी
नेपाल के मौसम विज्ञान विभाग ने इस स्थिति पर बुलेटिन जारी करते हुए बताया है कि अगले कुछ घंटों तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर बह सकता है. विभाग ने लोगों को साफ चेतावनी दी है कि रात के समय कोई भी व्यक्ति नदी किनारे जाने की गलती न करे. जलस्तर में अचानक और तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे संभलने का मौका भी नहीं मिलेगा. प्रशासन ने नदियों के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों से अपने परिजनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और रात भर पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है.
जरूरी कागजात और सामान के साथ सुरक्षित भवनों में शरण लेने की अपील
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिकों को संयम बनाए रखने की सलाह दी है. अफसरों ने अपील की है कि लोग सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें. लोगों को हिदायत दी गई है कि वे अपने जरूरी कागजात, दवाइयां, टॉर्च और थोड़ा बहुत राशन अपने साथ बांधकर रखें. यदि पानी और बढ़ता है तो लोग तुरंत पूर्व से निर्धारित राहत शिविरों या ऊंचे भवनों में शरण लें ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके.
ग्लेशियर टूटने से पैदा हुआ भयानक संकट
नेपाल का यह पूरा इलाका पिछले कुछ दिनों से लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है. तिब्बत के पहाड़ी क्षेत्रों में ग्लेशियर पिघलने और टूटने से नदियों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ गया है. पहाड़ों से बहकर आ रहा मलबा और पानी नदियों के रास्ते को अवरुद्ध कर रहा है, जिससे अचानक बाढ़ की स्थिति बन रही है. जब तक तिब्बत की तरफ स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक नेपाल के इन निचले जिलों पर खतरा मंडराता रहेगा. फिलहाल पूरा पुलिस और प्रशासनिक अमला सड़कों पर मुस्तैद है और हालात पर पैनी नजर रखे हुए है.
