Delhi Police Special Cell ISI Spies Arrest 2026: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इंस्टाग्राम के जरिए आईएसआई के संपर्क में आकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान को 8 भारतीय सिम भेजने वाले पति-पत्नी साहिल और समीरा को गिरफ्तार किया है.

Delhi Police Special Cell ISI Spies Arrest 2026: भारत के खिलाफ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की साजिशों को नाकाम करने के लिए देश की सुरक्षा एजेंसियां लगातार मुस्तैद हैं. देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक युवा पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के इशारे पर भारत में देश विरोधी नेटवर्क चलाने का आरोप है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान 25 साल के साहिल और उसकी 21 साल की पत्नी समीरा के रूप में हुई है. पुलिस जांच में सामने आया है कि यह दंपती 2024 से सीधे पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था. ये आरोपी भारतीय सिम कार्ड जुटाकर उन्हें सीमा पार भेजने का काम कर रहे थे.
दुबई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचाए गए 8 भारतीय सिम कार्ड
स्पेशल सेल की तफ्तीश में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. साहिल और समीरा ने 2024 और 2025 के दौरान फर्जी दस्तावेजों की मदद से 8 भारतीय सिम कार्ड हासिल किए थे. इसके बाद इन सिम कार्डों को कूरियर के जरिए सीधे पाकिस्तान भेजने के बजाय दुबई के रास्ते आईएसआई हैंडलरों तक पहुंचाया गया. इस काम के बदले पाकिस्तानी एजेंटों ने दंपती को करीब 30 हजार रुपये का लालच दिया था. पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने इन भारतीय सिम कार्डों का इस्तेमाल कर फर्जी वॉट्सऐप अकाउंट एक्टिवेट किए. इन्हीं वॉट्सऐप नंबरों के जरिए पाकिस्तानी जासूस भारतीय लोगों और अधिकारियों के ग्रुप में शामिल होकर खुफिया जानकारियां जुटा रहे थे.
इंस्टाग्राम पर दोस्ती से शुरू हुआ जासूसी का काला खेल
इस जासूसी जाल की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से हुई थी. साल 2024 में साहिल की मुलाकात इंस्टाग्राम पर एक पाकिस्तानी एजेंट से हुई थी. पहले दोनों के बीच सामान्य बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे पक्की दोस्ती में बदल गई. इस दौरान साहिल ने अपनी महिला मित्र समीरा से शादी कर ली. इसके बाद पाकिस्तानी हैंडलर ने दोनों को एक वरिष्ठ पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी से जोड़ा और पैसों का लालच देकर जासूसी नेटवर्क में शामिल कर लिया. दंपती को दिल्ली और आसपास के इलाकों से अन्य लोगों को भी पैसे का लालच देकर इस नेटवर्क में जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
सेना के कैंटोनमेंट और ट्रिब्यूनल की रेकी का मिला था जिम्मा
जांच एजेंसियों के मुताबिक साहिल को बेहद संवेदनशील काम सौंपा गया था. उसे दिल्ली और आसपास के सैन्य कैंटोनमेंट इलाकों की रेकी करने के लिए स्थानीय लोगों को तैयार करने का जिम्मा मिला था. इसके अलावा साहिल को उन सैन्य कर्मियों का डेटा जुटाने को कहा गया था, जिनके कोर्ट मार्शल से जुड़े मामले आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल में लंबित चल रहे थे. आईएसआई ऐसे असंतुष्ट सैन्य कर्मियों को निशाना बनाकर संवेदनशील जानकारी जुटाने की योजना बना रही थी. पुलिस अब साहिल के नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्ध लोगों का पता लगा रही है, जिनसे उसने संपर्क साधने की कोशिश की थी.
मोबाइल फोरेंसिक जांच में खुले ISI से बातचीत के गहरे राज
साहिल की गिरफ्तारी के बाद जब स्पेशल सेल ने उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई तो उसमें कई सनसनीखेज सबूत मिले. उसके फोन से डिलीट किए गए वॉट्सऐप चैट, ऑडियो क्लिप्स और पाकिस्तानी नंबरों से हुई बातचीत के डेटा को रिकवर कर लिया गया. इन्हीं डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस ने उसकी पत्नी समीरा को भी नोएडा से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो आधुनिक स्मार्टफोन्स बरामद किए हैं. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ‘ऑपरेशन सिम कार्ड’ के तहत यह एक बड़ी कामयाबी है. हाल के दिनों में हरियाणा, पंजाब और यूपी से भी ऐसे ही 12 मददगार गिरफ्तार किए जा चुके हैं.
उच्च शिक्षा के बावजूद चंद रुपयों के लालच में बने देशद्रोही
पकड़ा गया दंपती पढ़ा-लिखा है, जिसके चलते किसी को उन पर आसानी से शक नहीं हुआ. साहिल ने इग्नू (IGNOU) से बीए की पढ़ाई पूरी की थी. वह पहले एक वकील का सहायक था और एलएलबी करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन जून 2025 में उसने नौकरी छोड़ दी थी. वहीं उसकी पत्नी समीरा ने दिल्ली से 12वीं करने के बाद पत्राचार से बीए किया था और नोएडा के एक नामी कॉल सेंटर में काम कर रही थी. चंद हजार रुपयों की खातिर दोनों ने देश की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया. फिलहाल स्पेशल सेल दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि आईएसआई के इस पूरे मॉड्यूल की गहराई का पता लगाया जा सके.
