Suvendu Adhikari Jadavpur University Statement 2026: जादवपुर यूनिवर्सिटी में देशविरोधी नारों और नशे की संस्कृति पर भड़कते हुए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने जेएनयू की तर्ज पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.

Suvendu Adhikari Jadavpur University Statement 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जादवपुर यूनिवर्सिटी (JU) का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर लग रहे ‘आजादी’ के नारों और देशविरोधी गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाया है. शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यूनिवर्सिटी में पनप रही ऐसी सोच पर सीधा हमला बोला. सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पहले वामपंथी शासन और बाद में टीएमसी के राज में कैंपस के भीतर ऐसी विचारधारा को बढ़ावा दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि कभी पढ़ाई और उत्कृष्टता का केंद्र रही यह यूनिवर्सिटी अब गलत वजहों से चर्चा में रहती है.
‘आजादी’ के नारों पर उठाए तीखे सवाल
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा लगाए जाने वाले ‘आजादी’ के नारों की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश के युवाओं के सामने पढ़ाई, रोजगार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था जैसे असल मुद्दे मौजूद हैं, तब कुछ समूह इन पर बात करने के बजाय कैसी आजादी मांग रहे हैं. सुवेंदु अधिकारी ने तंज कसते हुए पूछा, ‘क्या आप गांजा और हेरोइन का नशा करने की आजादी चाहते हैं? क्या आपको इसी तरह की आजादी चाहिए?’ उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को हॉस्टल से जबरन निकालकर चे ग्वेरा के नाम पर होने वाली रैलियों में ले जाया जाता है और न जाने पर धमकियां दी जाती हैं.
आतंकवाद और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का किया जिक्र
अपने संबोधन में सुवेंदु अधिकारी ने आतंकवाद और देशविरोधी नारों पर कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि जब आतंकवादी भारतीय जवानों पर हमले करते हैं या पहलगाम जैसी घटनाएं होती हैं, तब ये समूह कभी विरोध में आगे नहीं आते. लेकिन जब भारतीय सेना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकवादियों को कड़ा जवाब देती है, तब यही लोग शांति मार्च निकालने लगते हैं. उन्होंने ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारों को लेकर सख्त चेतावनी दी. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल देश की संप्रभुता के खिलाफ उठने वाली हर आवाज का मुंहतोड़ जवाब देने में पूरी तरह सक्षम हैं.
माओवादी विचारधारा और दीवारों पर लिखे नारों पर हमला
यूनिवर्सिटी की दीवारों पर माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी के समर्थन में लिखे नारों पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने ‘रेड सैल्यूट किशनजी’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए कहा कि किशनजी जैसी शख्सियतें भारतीय संविधान और लोकतंत्र में बिल्कुल भी विश्वास नहीं रखती थीं. किसी शैक्षणिक संस्थान में ऐसी हिंसक और असंवैधानिक सोच का समर्थन करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सुवेंदु अधिकारी ने ऐलान किया कि वह जादवपुर यूनिवर्सिटी परिसर से ऐसी विनाशकारी माओवादी विचारधाराओं को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाएंगे.
हॉस्टल पर अवैध कब्जे और नशे के कारोबार पर नकेल
जादवपुर यूनिवर्सिटी में लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त निर्णय लेने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके पूर्व छात्रों द्वारा हॉस्टल के कमरों पर अवैध कब्जा जमाने की परंपरा को अब पूरी तरह खत्म किया जाएगा. कोई भी पूर्व छात्र बिना वजह हॉस्टल में नहीं रुक सकेगा. इसके साथ ही उन्होंने कैंपस के अंदर नशीले पदार्थों और ड्रग्स के सेवन तथा खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की बात कही. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी परिसर को नशे और अवैध तत्वों से पूरी तरह मुक्त कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.
बंगाल में राष्ट्रवाद की लहर, जेएनयू की तर्ज पर होगी कार्रवाई
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पूरे पश्चिम बंगाल में अब राष्ट्रवाद की एक नई लहर चल रही है और इसका सकारात्मक असर जादवपुर यूनिवर्सिटी पर भी बहुत जल्द दिखाई देगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) और हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में देशविरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं, ठीक उसी तर्ज पर जादवपुर यूनिवर्सिटी को भी साफ-सुथरा बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री के इस कड़े बयान के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों और छात्र राजनीति में एक नया सियासी घमासान शुरू होना तय माना जा रहा है.
