US Iran Military Conflict: अमेरिका ने ईरान में IRGC के ठिकानों पर लगातार दूसरे दिन ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसाईं, जिसके बाद ट्रंप ने ईरान को दोबारा हमला करने पर नामोनिशान मिटाने की धमकी दी है.

US Iran Military Conflict: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब बहुत ही खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. अमेरिकी सेना ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं. इन हमलों के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान ने इन स्ट्राइक्स का बदला लेने की कोशिश की, तो इसका अंजाम बेहद दर्दनाक होगा. इस नए सैन्य टकराव के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं.
दक्षिणी ईरान के कई शहरों में गूंजे जोरदार धमाके
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्से में एक के बाद एक कई भयंकर विस्फोट सुने गए. बंदर अब्बास, कशम द्वीप, जास्क और सीरिक जैसे प्रमुख इलाकों में भारी बमबारी हुई है. इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी चाबहार और कोनारक के सैन्य इलाकों में भी अमेरिकी प्रोजेक्टाइल आकर गिरे. ईरानी मीडिया फार्स के अनुसार IRGC के प्रवक्ता ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका को अपनी इस दुस्साहसिक कार्रवाई पर बहुत जल्द पछतावा होगा. हालांकि इन हमलों में ईरान के कुछ सैनिकों के मारे जाने की भी खबर आई है.
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा को लेकर तनाव
29 जुलाई को अमेरिकी सेना ने IRGC के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसके बाद कुछ हफ्तों तक शांति रही. लेकिन अब अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरानी बल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने की फिराक में थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि IRGC के सैनिक समुद्री बारूदी सुरंगें (Mines) बिछाने वाले रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे. इसी खतरे को देखते हुए अमेरिकी वायुसेना ने पहले ही हमला कर उन रॉकेट लॉन्चरों को पूरी तरह तबाह कर दिया.
जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर दागी गई थीं मिसाइलें
यह अमेरिकी एयर स्ट्राइक होर्मुज में हुए शुरुआती हमले के ठीक दो दिन बाद की गई है. दरअसल अमेरिका के पहले हमले के जवाब में सोमवार को ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल होते ही इन सभी आठ मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया था. इस जवाबी हमले से भड़के अमेरिका ने अगले ही दिन ईरान के भीतर घुसकर बड़े पैमाने पर मिसाइलें बरसा दीं और आर्थिक तबाही की चेतावनी दी.
डोनाल्ड ट्रंप का सोशल मीडिया पर तीखा हमला
हवाई हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक कड़ा संदेश जारी किया. उन्होंने लिखा कि अमेरिकी सेना होर्मुज के पास ईरानी ठिकानों को लगातार निशाना बना रही है. यह कार्रवाई समुद्र में माइंस बिछाने की उनकी नापाक कोशिश का कड़ा जवाब है. ट्रंप ने कहा कि जॉर्डन में दागी गई ईरानी मिसाइलों को गिरा दिया गया है. अगर अब ईरान ने कोई पलटवार करने की हिमाकत की, तो उस पर ऐसा हमला किया जाएगा जो उसने इतिहास में कभी नहीं देखा होगा.
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के अस्तित्व पर खतरा
ट्रंप ने अपने बयान में बेहद सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने दोबारा बदला लेने का कदम उठाया, तो यह अब तक का सबसे भीषण हमला होगा. उन्होंने यहां तक कह दिया कि उस हमले के खत्म होने के बाद ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान’ का बहुत थोड़ा सा हिस्सा ही बचेगा. इस सीधे बयान से यह साफ हो गया है कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है. दोनों देशों की इस तनातनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं.
