PM Narendra Modi Gold Import Advice: भारत की 7.8% जीडीपी और रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन के बावजूद पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने और स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए सोना कम खरीदने और विदेश यात्राएं टालने की अपील की है.

PM Narendra Modi Gold Import Advice: वैश्विक मंदी और युद्ध के हालातों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने दुनिया भर को अपनी रफ्तार से चौंका दिया है. हाल ही में जारी हुए ताजा आंकड़ों में भारत ने 7.8 प्रतिशत की मजबूत जीडीपी ग्रोथ रेट हासिल की है. इसके साथ ही अगस्त महीने का जीएसटी कलेक्शन भी 14.8 प्रतिशत बढ़कर 1.99 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंच गया है. लेकिन देश की इतनी मजबूत आर्थिक स्थिति के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम नागरिकों से बेवजह सोना न खरीदने, विदेशों में शादियां (डेस्टिनेशन वेडिंग) न करने और छुट्टियों के लिए विदेश न जाने की अपील की है. पीएम की इस सलाह के पीछे एक बड़ा रणनीतिक और आर्थिक कारण छिपा हुआ है.
विपक्ष का हमला बनाम जमीनी आंकड़े और जीडीपी ग्रोथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान दौरे से जारी एक वीडियो संदेश में देशवासियों को 7.8% की विकास दर पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित होने के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है. वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल कांग्रेस इन आंकड़ों को महज सरकारी बाजीगरी बता रही है. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इस विकास दर का फायदा आम लोगों, युवाओं और किसानों तक नहीं पहुंच रहा है. हालांकि, नील्सन आईक्यू और वर्ल्ड डेटा लैब की हालिया रिपोर्ट बताती है कि खर्च करने की क्षमता (स्पेंडिंग पावर) के मामले में भारत आने वाले एक दशक में चीन को पीछे छोड़ देगा, जो भारतीय बाजार की असली ताकत को दिखाता है.
गोल्ड इम्पोर्ट का बढ़ता बोझ और विदेशी मुद्रा का गणित
भारत में सोने का आयात देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बहुत बड़ा आर्थिक दबाव डालता है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक भारत ने लगभग 71.98 अरब डॉलर (करीब 6.83 लाख करोड़ रुपये) का सोना विदेशों से खरीदा है. पिछले तीन सालों में गोल्ड इम्पोर्ट में भारी बढ़ोतरी हुई है. जब हम विदेशों से सोना खरीदते हैं, तो हमें डॉलर में भुगतान करना पड़ता है. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ जाती है और भारतीय रुपये की कीमत पर सीधा दबाव पड़ता है. यही वजह है कि पीएम मोदी ने जरूरत न होने पर सोना कम खरीदने की अपील की है ताकि देश का कीमती विदेशी मुद्रा भंडार बचाया जा सके.
वेडिंग इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल की अपील
सोने के अलावा पीएम मोदी ने विदेशों में होने वाली खर्चीली शादियों और फॉरेन टूरिज्म पर भी ब्रेक लगाने को कहा है. आंकड़ों के अनुसार भारतीय नागरिक हर साल विदेश यात्राओं पर लगभग 1.56 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं. इसके साथ ही विदेशों में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग पर भी सालाना करीब 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बाहर चले जाते हैं. अगर देश के अमीर और मध्यम वर्ग के लोग ‘वेडिंग इन इंडिया’ का मंत्र अपनाएं और विदेशों के बजाय भारत के ही पर्यटन स्थलों पर घूमने जाएं, तो यह पैसा देश के भीतर ही रहेगा. इससे स्थानीय होटल, टूरिज्म, व्यापारियों और कारीगरों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा.
विदेशी मुद्रा बचत से देश को होने वाले बड़े फायदे
अगर देशवासी पीएम मोदी की इस अपील को मानते हुए सोने के आयात, विदेश यात्राओं और बाहरी शादियों के खर्च में केवल 10 प्रतिशत की भी कटौती करते हैं, तो भारत सालाना लगभग 9.6 बिलियन डॉलर (करीब 80 हजार करोड़ रुपये) बचा सकता है. इस बड़ी बचत का पहला सीधा असर यह होगा कि सरकार को गैर-जरूरी चीजों के लिए डॉलर नहीं देना पड़ेगा. इससे व्यापार घाटा (ट्रेड डेफिसिट) घटेगा और भारतीय रुपया मजबूत स्थिति में रहेगा. बचा हुआ पैसा देश के बुनियादी ढांचे, सड़कों, अस्पतालों और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) सेक्टर के विकास में इस्तेमाल किया जा सकेगा.
आत्मनिर्भर भारत से मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री की इस आर्थिक नीति का मुख्य मकसद देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से सुरक्षित रखना है. वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में घरेलू मांग और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना ही भारत को लंबे समय तक मजबूत रख सकता है. जब देश का पैसा देश के भीतर ही घूमेगा, तो इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छोटे कारोबारियों को संबल मिलेगा. ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का यह विजन देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है.
