दंतेवाड़ा में विधायक चैतराम अटामी के गीदम स्थित आवास के दोनों बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं. जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग ने लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं होने पर यह कार्रवाई की है. दोनों कनेक्शनों पर करीब 3 लाख रुपए का बकाया बताया जा रहा है.
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां बिजली विभाग की एक कार्रवाई इन दिनों चर्चा में है. आपको बता दें कि दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी के गीदम स्थित आवास के दोनों बिजली कनेक्शन काट दिए हैं.
विभाग ने बिजली बिल का लंबे समय से भुगतान नहीं होने पर यह एक्शन लिया है. जानकारी के मुताबिक दोनों कनेक्शनों पर लगभग 3 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया बताया जा रहा है. गीदम स्थित जिस भवन में विधायक का आवास है, वह वन विभाग का रेस्ट हाउस है.
दोनों कनेक्शन पर भारी बिल
बिजली विभाग के मुताबिक एक सिंगल फेज कनेक्शन पर लगभग 2.30 लाख रुपए का बिल बकाया है. बताया जा रहा है कि इस कनेक्शन का बिजली बिल साल 2023 से जमा नहीं किया गया है. वहीं दूसरे थ्री फेज कनेक्शन पर भी लगभग 50,250 रुपए से ज्यादा का बिल अभी बकाया है. इस कनेक्शन का बिल करीब एक साल से जमा नहीं होने की बात सामने आई है. लगातार बकाया रहने के कारण अब विभाग ने दोनों कनेक्शन काटने की कार्रवाई की.
वन विभाग का रेस्ट हाउस है आवास
गीदम रेंजर शिव टंडन ने बताया कि यह भवन वन विभाग का रेस्ट हाउस है, जिसे फिलहाल विधायक को आवंटित किया गया है. उन्होंने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि दंतेवाड़ा नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. विधायक के दौरे और सुरक्षा को देखते हुए उन्हें यहां ठहरने की सुविधा दी गई है. रेंजर के मुताबिक परिसर में लगे एक बिजली मीटर का कनेक्शन किसी कुंवर के नाम पर दर्ज है. इस मीटर पर ढाई लाख रुपए से अधिक का बकाया बताया गया है. इस मामले को लेकर विभागीय स्तर पर बातचीत भी चल रही है.
मीटर के नाम को लेकर साफ नहीं हुई स्थिति
वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक भवन में मौजूद एक मीटर किसी कुंवर के नाम पर दर्ज है. वहीं, सूत्रों का दावा है कि यह मीटर विधायक के नाम पर ही दर्ज है. बिजली विभाग के सहायक अभियंता अविनाश लकड़ा ने भी बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण कनेक्शन काटे जाने की पुष्टि की है. विभाग का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण नियमानुसार यह कार्रवाई की गई है.
विधायक ने नहीं दिया बयान
फिलहाल इस मामले में अभी तक विधायक चैतराम अटामी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. बिजली विभाग की कार्रवाई के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी भवन में लगे बिजली कनेक्शन के बकाये की जिम्मेदारी किसकी है और लंबे समय से बिल जमा क्यों नहीं किया गया?
