Congress Reshuffle: पंजाब कांग्रेस में जारी भारी गुटबाजी के बीच पार्टी आलाकमान ने भूपेश बघेल को हटाकर सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी बनाया है. इसके अलावा सुरजेवाला समेत कई अन्य नेताओं को भी नए राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

Congress Reshuffle: कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी संगठन में बहुत बड़ा बदलाव किया है. पंजाब में चल रही अंदरूनी खींचतान को देखते हुए भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी पद से हटा दिया गया है. अब उन्हें असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं राजस्थान के युवा और तेजतर्रार नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कई राज्यों के प्रभारियों के फेरबदल की लिस्ट जारी कर दी है.
पंजाब में लगातार बढ़ रही थी कलह
पंजाब कांग्रेस के भीतर पिछले काफी समय से भारी गुटबाजी चल रही थी. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थकों के बीच मनमुटाव खुलकर सामने आ गया था. जुलाई 2026 में जब आलाकमान ने वड़िंग को अध्यक्ष बनाए रखा और चन्नी को प्रचार कमेटी सौंपी, तो तनाव और बढ़ गया. चन्नी समर्थक इस फैसले से बेहद नाराज हो गए थे. बैठकों में धक्का-मुक्की और हाथापाई तक की नौबत आ गई थी.
भूपेश बघेल की जगह पायलट पर भरोसा
भूपेश बघेल पंजाब की गुटबाजी को शांत करने में नाकाम साबित हो रहे थे. बैठकों के दौरान ‘बघेल गो बैक’ के नारे तक लग चुके थे. बघेल ने दोनों गुटों को साधने की पूरी कोशिश की. लेकिन अंदरूनी जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी. यही वजह है कि आलाकमान ने अब सचिन पायलट पर भरोसा जताया है. पायलट को संगठन संभालने का अच्छा अनुभव है. माना जा रहा है कि वे पंजाब के नेताओं को साध लेंगे.
सुरजेवाला को मिला गुजरात और कर्नाटक
पार्टी ने पंजाब के अलावा कई अन्य राज्यों में भी बड़ा फेरबदल किया है. दिग्गज नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही वे कर्नाटक का काम भी संभालते रहेंगे. सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी बनाया गया है. वहीं डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र की कमान दी गई है. पी. वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है.
वेणुगोपाल ने जारी की आधिकारिक लिस्ट
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस बदलाव की पुष्टि की है. उन्होंने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. पार्टी आलाकमान का मुख्य मकसद आगामी चुनाव से पहले संगठन को पूरी तरह दुरुस्त करना है. मुकुल वासनिक अपनी पुरानी जिम्मेदारी संभालते रहेंगे. चुनावी राज्यों में नई ऊर्जा भरने के लिए यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है.
आने वाले दिनों में होंगे और बदलाव
सूत्रों का कहना है कि पंजाब कांग्रेस में अभी कुछ और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. आने वाले चुनाव को देखते हुए आलाकमान किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता है. सचिन पायलट के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चन्नी और वड़िंग के खेमों को एक साथ लाने की होगी. देखना दिलचस्प होगा कि पायलट पंजाब की इस पुरानी गुटबाजी को कैसे खत्म कर पाते हैं.
