मध्य प्रदेश के सागर जिले में हुए जहरीली शराब कांड में मृतकों की संख्या बढ़ गई है. इस मामले में अभी तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 75 से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया हैं.
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड ने गंभीर रूप ले लिया है. जानकारी के मुताबिक इस मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि 75 से ज्यादा पीड़ितों का कई अलग अलग अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है. बंडा तहसील के कई गांवों में नकली और जहरीली शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों के मामले सामने आए हैं. घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है.
16 से ज्यादा लोगों की मौत
बताया जा रहा है कि बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांव में नकली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े. कई पीड़ितों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. अब तक 16 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 75 से ज्यादा लोगों का इलाज जारी है. स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
तीन अधिकारियों को किया निलंबित
जहरीली शराब कांड को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है. इस मामले में अब आबकारी विभाग के 3 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. सागर की सहायक आयुक्त आबकारी कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक, वृत्त बंडा रोशनी उरेती के खिलाफ निलंबन की बड़ी कार्रवाई की गई है.
इसके अलावा उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच कर दिया गया है. शासन की इस कार्रवाई से साफ है कि मामले में विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. आपको बता दें कि इस मामले में अभी तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है.
