rahul gandhi indore visit controversy: इस खबर में जानिए इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर मचे सियासी घमासान का सच. समझिए कैसे स्टेडियम की इजाजत न मिलने पर कांग्रेस ने ₹10 लाख किराया देकर ‘भारत जोड़ो मैदान’ तैयार किया है.

rahul gandhi indore visit controversy: मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर राज्य की राजनीति में नया उबाल आ गया है. इंदौर नगर निगम से जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की अनुमति न मिलने पर कांग्रेस ने राज्य की बीजेपी सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार राहुल गांधी के इंदौर दौरे से घबराकर अड़ंगे लगा रही है. स्टेडियम की मंजूरी खारिज होने के बाद कांग्रेस ने इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) से रीजनल पार्क के पास 12 हजार वर्ग मीटर की जमीन ली है. इसके लिए पार्टी को 10.08 लाख रुपये का भारी किराया चुकाना पड़ा है.
नेहरू स्टेडियम के लिए चक्कर कटवाने का आरोप
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि पार्टी पहले 12 सितंबर को नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम करना चाहती थी. नगर निगम प्रशासन ने अनुमति देने में ही टालमटोल की, जिससे कार्यक्रम की तारीख टालकर 19 सितंबर करनी पड़ी. इसके बाद IDA की जमीन पाने के लिए भी पार्टी कार्यकर्ताओं को 10 दिनों तक अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े. कांग्रेस का कहना है कि प्रशासन ने सत्ता के दबाव में आकर विपक्षी दल के लोकतांत्रिक कार्यक्रम में रुकावट डालने की हर संभव कोशिश की है.
हाईकोर्ट के पुराने आदेश का हवाला देकर मेयर की सफाई
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम के फैसले का बचाव करते हुए कांग्रेस के सभी आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का एक स्पष्ट और पुराना आदेश है. इस आदेश के तहत नेहरू स्टेडियम का उपयोग केवल खेल गतिविधियों या राज्य स्तरीय सरकारी आयोजनों के लिए ही किया जा सकता है. किसी भी राजनीतिक दल के निजी या चुनावी कार्यक्रम के लिए खेल मैदान देने की अनुमति कानूनन नहीं दी जा सकती. प्रशासन ने केवल अदालत के दिशा-निर्देशों का ही पालन किया है.
‘भारत जोड़ो मैदान’ रखा गया नए कार्यक्रम स्थल का नाम
तमाम प्रशासनिक दिक्कतों के बीच कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने की जमीन का किराया IDA के खाते में जमा कर दिया है. IDA ने 17 से 19 सितंबर तक अस्थायी रूप से इस जगह का आवंटन किया है. कांग्रेस ने इस नए मैदान का नाम ‘भारत जोड़ो मैदान’ रखा है. पार्टी नेताओं का दावा है कि 19 सितंबर के इस भव्य आयोजन के लिए राज्य भर से करीब 1.5 लाख छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया है. हालांकि सुरक्षा और एनओसी की जिम्मेदारी आयोजकों की ही होगी.
बीजेपी का तंज, कहा ‘छात्रों की गूंज’ नहीं ‘झूठ की गूंज’
इस पूरे घटनाक्रम पर पलटवार करते हुए बीजेपी के राज्य सह-मीडिया प्रभारी आलोक दुबे ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ झूठा प्रचार और विक्टिम कार्ड खेल रही है. उन्होंने तंज कसते हुए सुझाव दिया कि इस आयोजन का नाम ‘छात्रों की गूंज’ से बदलकर ‘झूठ की गूंज’ कर देना चाहिए. बीजेपी का कहना है कि जब नियम साफ हैं तो फिर विवाद पैदा करने का कोई मतलब नहीं बनता. मध्य प्रदेश की जनता कांग्रेस की इस तरह की सस्ती राजनीति की सच्चाई को बहुत अच्छी तरह समझती है.
पेपर लीक और बेरोजगारी पर बीजेपी को घेरने की तैयारी
‘छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी का एक राष्ट्रव्यापी संवाद अभियान है, जिसके जरिए वे युवाओं के मुद्दों को उठा रहे हैं. इस अभियान में प्रश्न पत्र लीक, महंगी होती शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और बढ़ती बेरोजगारी जैसे विषयों पर छात्रों से सीधा संवाद किया जाता है. इंदौर से पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में इसके चार सफल संस्करण आयोजित हो चुके हैं. अब इंदौर में होने वाले इस पांचवें आयोजन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोंक रही है.
