pm modi meets masoud pezeshkian: इस खबर में जानिए दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की अहम मुलाकात का सच. जानिए कैसे भारत ने पश्चिम एशिया संकट पर कूटनीति, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और समुद्री व्यापार का मुद्दा उठाया.

pm modi meets masoud pezeshkian: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य और रणनीतिक तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से खास मुलाकात की है. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति की पीएम मोदी के साथ बेहद अहम वार्ता हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा कि पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट का समाधान सिर्फ बातचीत और कूटनीति से ही संभव है. दोनों नेताओं ने इस दौरान समुद्री रास्तों की सुरक्षा और नाविकों के बचाव को लेकर गंभीर चर्चा की. इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नई मजबूती मिली है.
दो हफ्तों में दूसरी मुलाकात और दिल्ली दौरा
राष्ट्रपति पद संभालने के बाद मसूद पेजेशकियान का यह पहला भारत दौरा है. खास बात यह है कि पिछले दो हफ्तों के भीतर दोनों शीर्ष नेताओं की यह दूसरी आमने-सामने की बैठक थी. इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. ईरान पर हाल ही में लगे अमेरिकी प्रतिबंधों और वैश्विक तनाव के बीच पेजेशकियान का भारत आना कूटनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. भारत ने कठिन परिस्थितियों में भी ब्रिक्स बैठकों में ईरान की मजबूत भागीदारी के लिए उसका धन्यवाद व्यक्त किया.
सुरक्षित समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर जोर
मुलाकात के दौरान विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, पीएम मोदी ने नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की आजादी पर जोर दिया. भारत ने विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बेहद जरूरी बताया. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे प्रमुख ऊर्जा मार्ग माना जाता है, जहां से दुनिया के कुल पेट्रोलियम का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है. हाल के तनाव के कारण इस इलाके में तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है. भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए.
ईरान ने की भारत से मध्यस्थता की अपील
बैठक के दौरान ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने पीएम मोदी के वैश्विक प्रभाव की सराहना की. उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि भारत दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने अच्छे संबंधों का इस्तेमाल करे. ईरान चाहता है कि भारत युद्ध और हिंसा को रुकवाने और शांति वार्ता की मेज पर लाने में मदद करे. इससे पहले बिश्केक मुलाकात में भी पीएम मोदी ने कहा था कि भारत दुनिया में शांति बहाल करने वाले हर प्रयास का खुलकर समर्थन करेगा.
ग्लोबल साउथ और ब्रिक्स मंच की ताकत
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा की. पीएम मोदी ने ‘ग्लोबल साउथ’ के विकासशील देशों को मजबूत बनाने में ब्रिक्स की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स मंच नवाचार, सहयोग और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने की बहुत बड़ी क्षमता रखता है. मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद ईरान और भारत मिलकर क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए काम करने पर सहमत नजर आए.
हाथ में हाथ डाले वायरल हुई दोनों नेताओं की तस्वीर
इस आधिकारिक मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं की एक खास तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आ गई है. तस्वीर में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियान एक-दूसरे की मुट्ठी को मजबूती से पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं. भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने भी इस तस्वीर को अपने आधिकारिक हैंडल से शेयर किया है. विश्लेषक इस तस्वीर को भारत और ईरान के बीच अटूट दोस्ती, भरोसा और मजबूत रणनीतिक साझेदारी के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं.
