ईडी ने U.S. Club के फंड में हेराफेरी से जुड़े मामले में जांच तेज कर दी है. अब एजेंसी ने इस मामले में 13.44 करोड़ की संपत्तियां अटैच की हैं. मामले में ED की आगे की जांच जारी है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यूनाइटेड सर्विसेज क्लब (U.S. Club) के फंड में हेराफेरी से जुड़े मामले में कार्रवाई की है. ED के मुंबई जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मुंबई, गोवा और मध्य प्रदेश में लगभग 13.44 करोड़ रुपये की 13 चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं. जानकारी के मुताबिक इनमें फ्लैट, जमीन-प्लॉट, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक खातों में जमा रकम शामिल है.
BNS की कई धाराओं में FIR
बताया जा रहा है कि ED ने यह कार्रवाई मुंबई पुलिस की ओर से दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई जांच के बाद की है. इस FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामले में जांच के दौरान ED को पता चला कि यूनाइटेड सर्विसेज क्लब की तत्कालीन डिप्टी सेक्रेटरी (फाइनेंस) बर्नाडेट भारत वर्मा ने अपने पति भरत कुमार शंकर लाल वर्मा के साथ मिलकर क्लब के नियमित विक्रेताओं के नाम से मिलते-जुलते कई फर्जी बैंक खाते एकाउंट्स खुलवाए थे. आरोप है कि इन खातों के जरिए क्लब की करीब 77 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की गई.
अलग-अलग खातों में डिपॉजिट
ED के मुताबिक इस रकम को बाद में बर्नाडेट वर्मा, भरत वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के पर्सनल और संयुक्त बैंक खातों में भेजा गया. जांच एजेंसी का आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल कई संपत्तियां खरीदने में और अलग-अलग बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट करने में किया गया.
ट्रस्ट के खाते में रकम ट्रांसफर
मामले में चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 11 करोड़ रुपये की रकम ज्योतिरगमय फाउंडेशन नाम के ट्रस्ट के बैंक खाते में भेजी गई. इसके बाद इस रकम को चार्टर्ड अकाउंटेंट चंद्र प्रकाश पांडे, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी फर्मों के खातों में ट्रांसफर किए जाने का आरोप है. ED ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले 20 मार्च 2026 को 34.51 करोड़ रुपये की 35 संपत्तियां भी इस मामले में अटैच की जा चुकी हैं. मामले में ED की आगे की जांच जारी है.
