झांसी में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. इस घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है. जानकारी के मुताबिक उसका शव घर से 5 किमी दूर मिला. परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है.
उत्तर प्रदेश के झांसी से BA LLB के छात्र की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. मृतक की पहचान परवेज अली के रूप में की गई है. जानकारी के मुताबिक छात्र का शव उसके घर से लगभग 5 किलोमीटर दूर मिला. घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.
रैपिडो बुक करके निकलने की कही थी बात
जानकारी के मुताबिक झांसी निवासी परवेज अली BA LLB की पढ़ाई कर रहा था. वह घर से रैपिडो बुक कर निकलने की बात कहकर बाहर गया था. जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो परिवार को चिंता हुई. परिजनों ने उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की.
देर रात बरामद हुआ शव
जब काफी खोजबीन के बाद भी परवेज का पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद देर रात करीब 12 बजे पुलिस को छात्र के बारे में जानकारी मिली. पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो घर से लगभग 5 किलोमीटर दूर उसका शव बरामद हुआ. शव मिलने की सूचना परिवार को मिली तो घर में कोहराम मच गया.
हत्या करने की जताई आशंका
घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने हत्या किए जाने का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि उसके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं. पैर पर दांत से काटने जैसे निशान होने का भी दावा किया गया है. इसके अलावा सिर पर चोट के निशान को लेकर भी परिवार ने सवाल उठाए हैं. वहीं परवेज के भाई का कहना है कि शरीर पर मिले चोट के निशान सामान्य घटना की ओर इशारा नहीं करते. उन्होंने आशंका जताई कि छात्र के साथ मारपीट की गई और इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई.
जांच में जुटी पुलिस
जानकारी के मुताबिक घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस अब उस रैपिडो चालक की जानकारी जुटा रही है, जिसकी बाइक से परवेज घर से निकला था. इसके साथ ही पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है. पुलिस सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के जरिए छात्र के घर से निकलने के बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है. उसके मोबाइल फोन, आखिरी लोकेशन और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जांच का अहम हिस्सा है.
