गाजियाबाद की एक महिला की एक ऐप पर बागपत के युवक से मुलाक़ात हुई. इसके बाद दोनों ने शादी कर ली. आरोप है कि शादी के बाद खुद को सेना में बताने वाले पति ने साथ रखने से इनकार कर दिया.
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवती की प्रेम कहानी मैट्रिमोनियल ऐप पर शुरू हुई और बातचीत शादी तक पहुंच गई, लेकिन शादी के कुछ समय बाद पति के लापता हो जाने से महिला परेशान हो गई. गाजियाबाद की रहने वाली उषा ने बागपत कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी अस्मिता लाल को शिकायती पत्र सौंपा. इस दौरान महिला ने पति के साथ रहने के साथ-साथ मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है.
सेना में तैनाती का बोला झूठ
उषा के मुताबिक उसकी बातचीत बागपत के लुहारी गांव निवासी सूरज कुमार से जीवनसाथी ऐप के जरिए शुरू हुई थी. शुरुआती बातचीत बढ़ने के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया. महिला के मुताबिक सूरज ने उससे शादी करने का भरोसा दिया था. इसी दौरान उसने खुद को सेना में तैनात बताते हुए लद्दाख में ड्यूटी करने की बात कही.
दिल्ली में की थी शादी
महिला ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों ने 23 जुलाई 2026 को दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट परिसर स्थित आर्य समाज मंदिर में शादी की थी. शादी के बाद कुछ समय तक दोनों साथ रहे. इसके बाद सूरज यह कहते हुए वहां से चला गया कि उसे अपनी ड्यूटी पर वापस लौटना है. उषा का कहना है कि पति के जाने के बाद वह लगातार उससे संपर्क करने की कोशिश करती रही.
साथ रखने से किया इनकार
महिला के मुताबिक हर बार सूरज की ओर से छुट्टी मिलने पर वापस आने का भरोसा दिया जाता रहा. काफी समय बीतने के बाद भी जब पति वापस नहीं आया तो उषा खुद उसकी तलाश में बागपत के लुहारी गांव पहुंच गई. उषा का आरोप है कि गांव पहुंचने के बाद पति सूरज ने उसे अपने साथ रखने से इनकार कर दिया. आरोप है कि इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज भी की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई. इसके बाद महिला ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखी.
पुलिस कर रही जांच
पीड़िता उषा ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. यदि पति उसे साथ रखने से इनकार करता है तो मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए. महिला ने अधिकारियों से अपनी सुरक्षा की भी मांग की है. अब पूरा मामला पुलिस जांच के दायरे में है. महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
