भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी करने को लेकर पीएम मोदी की प्रशंसा की गई. केंद्रीय मंत्रियों ने इस दौरान पीएम के नेतृत्व की तारीफ की. ब्रिक्स में भाग लेने के लिए दुनिया के प्रमुख नेता नई दिल्ली पहुंचे.
राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की गई. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन की प्रशंसा करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया, सभी केंद्रीय मंत्रियों ने इस प्रस्ताव को पारित किया.
राजनाथ सिंह ने की तारीफ
राजनाथ सिंह ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की, जिसमें भाग लेने के लिए दुनिया के प्रमुख नेता नई दिल्ली पहुंचे. उन्होंने शिखर सम्मेलन के संचालन और भारत की अध्यक्षता के दौरान की गई गतिविधियों की भी सराहना की. प्रधानमंत्री मोदी ने भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन में सहयोग के लिए अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों का आभार व्यक्त किया.
अबू धाबी क्राउन प्रिंस और ईरानी राष्ट्रपति में बातचीत
आपको बता दें कि बैठक में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई बातचीत पर भी प्रकाश डाला गया. क्षेत्रीय तनाव के बीच नई दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को एक महत्वपूर्ण राजनयिक पहल के रूप में भी देखा गया है.
PM ने की द्विपक्षीय बैठकें
आपको बता दें कि भारत ने 12-13 सितंबर को राजधानी स्थित भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट की सफलतापूर्वक मेजबानी की. इस कार्यक्रम में समूह के 11 सदस्य देशों और 10 सहयोगी देशों के नेताओं के साथ-साथ कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया. ब्रिक्स समिट के दौरान पीएम मोदी ने विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों या सरकार प्रमुखों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें भी कीं.
ब्रिक्स में शामिल हुए ये नेता
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में पुतिन और जिनपिंग के अलावा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो शामिल थे.
