गुंटूर में सोने के गहनों को लेकर एक बेटी और दामाद ने महिला की हत्या कर दी. घटना कर बाद दोनों फरार हो गए. इस दौरान पुलिस को 7 साल के बच्चे मे मामले की जानकारी दी. जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के पोन्नूर से एक अजीब घटना सामने आयी है. यहां सोने के गहनों के लिए एक महिला की हत्या करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने महिला की बेटी और उसके पति को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मृतका की पहचान कैबिनपेट निवासी लक्ष्मी के रूप में की गई है, जो एक निजी अस्पताल में नर्स के तौर पर काम करती थीं.
बेटी ने कर ली दूसरी शादी
पुलिस के मुताबिक लक्ष्मी के दो बच्चे थे. उनकी बेटी पुष्पलता की शादी हुई थी, लेकिन बेटे के जन्म के बाद वह अपने पति से अलग हो गई थीं. इसके बाद उसके बेटे का पालन-पोषण उसकी नानी लक्ष्मी ही करती थीं. बाद में पुष्पलता हैदराबाद चली गईं और दूसरी शादी कर ली. कुछ समय बाद वह पोन्नूर लौटीं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए राजकुमार के संपर्क में आईं. दोनों ने बाद में शादी कर ली.
कई बार घर छोड़ने को कहा
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 3 महीने पहले लक्ष्मी के बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. परिवार को दुर्घटना के बाद बीमा राशि मिली थी. इसके बाद पुष्पलता और राजकुमार लक्ष्मी के साथ रहने लगे. बताया गया है कि परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था, इसके कारण लक्ष्मी ने कई बार दोनों से घर छोड़ने को कहा था.
सोने की चेन को लेकर विवाद
बताया जा रहा है कि पुष्पलता ने अपने छोटे भाई के लिए बीमा राशि में हिस्सा मांगा था. हालांकि लक्ष्मी ने बीमा की रकम का इस्तेमाल गिरवी रखी सोने की चेन छुड़ाने में कर दिया. पुष्पलता द्वारा आभूषण वापस मांगने पर लक्ष्मी ने उसे देने से इनकार कर दिया. इसके बाद दोनों के बीच में विवाद बढ़ गया.
7 साल के बच्चे मे बताई सच्चाई
पुलिस के मुताबिक पुष्पलता और राजकुमार ने सोने की चेन लेने के लिए लक्ष्मी की हत्या की योजना बनाई. आरोप है कि दोनों ने आधी रात को लक्ष्मी के सोते समय उनके चेहरे को कंबल से ढक दिया और गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद दोनों घर से सोने की चेन लेकर चले गए. बताया जा रहा है कि लक्ष्मी का सात वर्षीय पोता इस घटना का प्रत्यक्षदर्शी था. आरोप है कि आरोपियों ने बच्चे को साइकिल दिलाने का लालच देकर घटना के बारे में किसी को नहीं बताने के लिए कहा था. जब पुलिस और स्थानीय लोग लक्ष्मी की मौत की जांच कर रहे थे, तब बच्चे ने घटना के बारे में जानकारी दी. इसके आधार पर पुलिस ने पुष्पलता और राजकुमार को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
