nandigram bypoll 2026: नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के समर्थन के तुरंत बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने पुराने मर्डर केस में गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले तृणमूल प्रत्याशी संचिता प्रधान ने अपना नामांकन वापस ले लिया था.

nandigram bypoll 2026: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल बहुत तेज हो गई है. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने जैसे ही नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की, उसके तुरंत बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उन्हें शाम साढ़े पांच बजे के करीब उस वक्त पकड़ा, जब वे नंदीग्राम ब्लॉक नंबर 2 के रेयापारा में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे थे. पुलिस सूत्रों का कहना है कि मिलन प्रधान एक पुराने हत्या के मामले में आरोपी हैं और उनके खिलाफ अदालत से वारंट जारी था. शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख है, ऐसे में इस गिरफ्तारी ने पूरे चुनाव का माहौल गरमा दिया है.
ममता बनर्जी के समर्थन और संचिता के हटने के बाद बदला माहौल
इस गिरफ्तारी से ठीक पहले नंदीग्राम के सियासी गलियारे में बड़ा उलटफेर देखने को मिला था. तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की और फिर अचानक अपना नामांकन वापस लेने का फैसला कर लिया. संचिता के मैदान से हटते ही ममता बनर्जी ने बड़ा दांव खेलते हुए ऐलान किया कि उनकी पार्टी नंदीग्राम में कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगी. लेकिन ममता के इस ऐलान के कुछ ही देर बाद पुलिस हरकत में आई और कांग्रेस उम्मीदवार को अपने साथ ले गई.
गिरफ्तारी पर भड़की कांग्रेस, बीजेपी पर लगाया साजिश का आरोप
कैंडिडेट की ऐन वक्त पर हुई गिरफ्तारी से कांग्रेस पार्टी में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के ठीक पहले अचानक पुराना मामला सामने लाना राजनीतिक साजिश है. बीजेपी पूरे राज्य में विपक्ष को पूरी तरह खत्म करके एकछत्र राज करना चाहती है. वहीं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने भी तीखा हमला करते हुए कहा कि बीजेपी कांग्रेस प्रत्याशी से घबरा गई है, इसलिए इस तरह का कदम उठाया गया है.
बीजेपी और डेमोक्रेटिक तृणमूल ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के सभी आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि पुलिस अपनी कानूनी जिम्मेदारी निभा रही है और इस कार्रवाई का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं ऋतब्रत गुट की डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा ने कहा कि यह पूरी तरह से कानून-व्यवस्था का मामला है. प्रशासन किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए स्वतंत्र है, चाहे वह चुनाव का उम्मीदवार ही क्यों न हो.
नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को वोटिंग, मैदान में कई पार्टियां
नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए वोट डाले जाने हैं. यह सीट सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी. बीजेपी ने इस सीट पर सुवेंदु के दिवंगत सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को अपना प्रत्याशी बनाया है. मुख्यमंत्री ने भी हसीरानी को भारी मतों से जिताने की अपील की है. इसके अलावा मैदान में ऋतब्रत बनर्जी के गुट से मोहम्मद एहतेश मुल हक के साथ-साथ सीपीआई और आईएसएफ के उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
नामांकन के आखिरी दिन से पहले कानूनी दांव-पेच
शनिवार को पर्चा दाखिल करने का अंतिम दिन होने की वजह से कांग्रेस के सामने अब नया संकट खड़ा हो गया है. पुलिस इस बात की पूरी जांच कर रही है कि वारंट के आधार पर आगे की क्या कानूनी कार्रवाई की जाए. वहीं कांग्रेस के वकील कानूनी रास्ते तलाशने में जुट गए हैं ताकि उम्मीदवार की उम्मीदवारी पर कोई आंच न आए. नंदीग्राम की जनता अब इस पूरे घटनाक्रम को बहुत गौर से देख रही है, क्योंकि यहां मुकाबला काफी दिलचस्प हो चला है.
