rajasthan nikay chunav results: राजस्थान के 301 नगरीय निकायों के नतीजों में बीजेपी ने 199 बोर्ड बनाकर बड़ी जीत दर्ज की है. कांग्रेस को 94 निकायों पर सफलता मिली है. जयपुर, जोधपुर और कोटा समेत 8 निकायों का फैसला 25 सितंबर को होगा.

rajasthan nikay chunav results: राजस्थान में निकाय चुनाव के नतीजों की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो चुकी है. प्रदेश के कुल 309 नगरीय निकायों में से 301 निकायों के चेयरमैन का फैसला आ गया है. आए नतीजों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 199 निकायों में अपना बोर्ड बना लिया है. वहीं कांग्रेस पार्टी सिर्फ 94 निकायों पर ही जीत दर्ज कर पाई है. इस तरह बीजेपी और कांग्रेस के बीच 105 निकायों का बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. अब राज्य में केवल 8 निकायों के नतीजे आने बाकी हैं.
निगम, परिषद और पालिकाओं में किसका दबदबा?
अगर कुल सीटों को अलग-अलग हिस्सों में समझें तो बीजेपी दोहरे शतक से सिर्फ एक कदम दूर रह गई है. बीजेपी ने अपने खाते में 6 नगर निगम, 31 नगर परिषदें और 162 नगर पालिकाएं डाली हैं. दूसरी ओर कांग्रेस को केवल 1 नगर निगम, 13 नगर परिषदें और 80 नगर पालिकाओं में ही संतोष करना पड़ा है. इन दोनों मुख्य पार्टियों के अलावा 8 निकायों में निर्दलीयों और दूसरे छोटे दलों ने अपना बोर्ड बनाया है. मेयर चुनाव की बात करें तो अब तक चुने गए 7 मेायरों में से 6 बीजेपी के बने हैं.
मेयर चुनाव में दिखा निर्दलीयों का बड़ा खेल
वार्ड चुनाव के नतीजे और मेयर के चुनाव में काफी अंतर देखने को मिला है. अजमेर में कांग्रेस के पास 37 पार्षद थे और बीजेपी के पास 32 पार्षद थे. इसके बावजूद निर्दलीय पार्षदों की मदद से बीजेपी की अनामिका शर्मा 43 वोट पाकर मेयर बन गईं. ऐसा ही कुछ पाली में भी हुआ, जहाँ कांग्रेस के 29 पार्षद होने के बाद भी मेयर की सीट बीजेपी के खाते में चली गई. अलवर में भी किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, लेकिन वहाँ भी बीजेपी ने बाजी मार ली.
नगर पालिकाओं और परिषदों के ताजा आंकड़े
प्रदेश की 252 नगर पालिकाओं में से 248 के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं. इनमें से बीजेपी ने 162 पालिकाओं में अपनी सरकार बनाई है, जबकि कांग्रेस को 80 स्थानों पर जीत मिली है. 6 जगह निर्दलीय और दूसरे दल जीते हैं, जबकि 4 पालिकाओं के नतीजे आने बाकी हैं. वहीं 47 नगर परिषदों में से 46 के नतीजे आ चुके हैं, जिनमें बीजेपी ने 31 और कांग्रेस ने 13 परिषदों पर कब्जा जमाया है. दो परिषदों में निर्दलीयों की जीत हुई है.
बारां में आप का खाता, निर्दलीयों ने बिगाड़ा खेल
इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपना खाता खोला है. बारां नगर परिषद में आप की शीतल राठौड़ सभापति चुनी गईं, जो राजस्थान में आप का पहला नगर परिषद बोर्ड है. जहाँ-जहाँ किसी भी बड़ी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, वहाँ एक-एक निर्दलीय पार्षद की भूमिका सबसे अहम साबित हुई. निर्दलीयों के समर्थन के बल पर ही कई जगह हारती हुई बाजी पलट गई और नए समीकरण बन गए.
जयपुर, जोधपुर और कोटा का फैसला अभी बाकी
राजस्थान के बड़े शहरों की बात करें तो 10 नगर निगमों में से 3 का फैसला अभी अटका हुआ है. जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में मेयर का चुनाव 25 सितंबर को करवाया जाएगा. कुछ वार्डों में दोबारा वोटिंग होने के कारण यहाँ का चुनाव कार्यक्रम थोड़ा आगे बढ़ा दिया गया था. इसका मतलब यह है कि अभी पूरी तस्वीर आना बाकी है. 3 नगर निगम, 1 नगर परिषद और 4 नगर पालिकाओं को मिलाकर कुल 8 निकायों के अंतिम नतीजे आने अभी बाकी हैं.
