Haunted house: कई बार बड़ी इमारतों की सुंदरता को देखने के लिए लोग रुक जाते हैं. हालांकि, इन इमारतों की सुंदरता जितनी लोगों को आकर्षित करती है. उनकी दीवारें उतने ही राज को छुपाएं बैठी होती हैं. आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जो लोगों को अपनी सुंदरता से अपनी तरफ खींचती है लेकिन इस घर में आज तक जो रुका है. वह वहां से वापस या तो कुछ ऐसा देखकर आता है, जिसे वह कभी भूल नहीं पाता है, तो कई लोग वहां पर अपनी जान गंवा बैठे हैं.
इस फेमस जगह का नाम ऑइल हाउस है. यह लखनऊ शहर में स्थित है. यह घर नहीं, पूरी हवेली है. सालों से इस जगह पर कोई नहीं रहता है. इसके पीछे भी लोगों के अपने कारण हैं. दरअसल, इस जगह को लोग भुतिया घर कहते हैं. उनका कहना हैं कि आज तक इस इमारत में जो भी रहने आया है, उसकी मौत हो चुकी है. यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इमारत के अंदर एक कुआं है, जो इस इमारत के सारे राज को छुपाए बैठा है.
आइए जानते हैं इस इमारत के पीछे के राज
19वीं सदी में इस ऑइल हाउस को लखनऊ के नवाब ने बनाया था. लखनऊ के अंतिम शासक वाजिद अली शाह इस घर में रहा करते थे. जब वाजिद अली शाह यहां पर रहने आए थे. तो उस समय आसपास के सभी इलाकों में अंग्रेजों का राज हुआ करता था, जिसके बाद अंग्रेजों ने उनके महल पर हमला कर दिया था, जिसके बदले में उन्होंने भी अंग्रेजों पर हमला कर दिया था.
कभी वाजिद अली शाह का घर थी ये इमारत
19वीं सदी में लखनऊ के नवाबों ने इस ऑइल हाउस का निर्माण किया था. यह काफी बड़ी इमारत है और लखनऊ की दूसरी इमारतों की तरह ही इसका निर्माण हुआ है. इस घर में लखनऊ पर शासन करने वाला अंतिम नवाब, वाजिद अली शाह रहा करता था. वाजिद अली शाह तो नवाब थे, लेकिन तब तक लखनऊ और उसके आसपास के इलाके में पूरी तरह से अंग्रेजों का कब्जा हो गया था. कहा जाता है कि जब अंग्रेज नवाब अली शाह के महल में उन्हें गिरफ्तार करने आए, तो इनकी तरफ से अंग्रेजों पर हमला हुआ.
जिस समय उन पर हमला किया गया था, उस समय वाजिद अली के सैनिकों ने इसी किले में अंग्रेजों को काटकर फेंका था. लड़ाई होने के बाद वाजिद अली को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद इस महल में लखनऊ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अपना डेरा डालने आए थे. इस इमारत की सुंदरता ने जरूर उन्हें आकर्षित किया था, लेकिन इस घर में उनके साथ काफी ज्यादा अनहोनी होने लगी थी.
लोगों का कहना है कि इस घर में वाइस चांसलर के बेटे ने खेलते-खेलते कुएं में पत्थर डाल दिया था, जिसके बाद अंग्रेजों की आत्माओं ने मिलकर उन्हें मार डाला था. बच्चे की मौत होने के बाद उस घर में कोई रहने नहीं आया. कई लोग दिन के समय तो इस इमारत की सुंदरता को देखने आते हैं, लेकिन रात होने से पहले वापस चले जाते हैं. आज तक इस घटना के बाद कोई भी यहां रुकने नहीं आया है. लोगों का कहना है कि कई बार जब लोग इस हवेली से होकर जाते हैं, तो उन्हें उन अंग्रेजों की आत्माएं देखने को मिलती हैं. हालांकि, लोगों के डर के कारण इस कुएं को बंद कर दिया गया है लेकिन आज भी लोग इस डर के मारे वहां पर नहीं जाना चाहते हैं.
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