आज के समय में इंटरनेट हर घर की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है. ऑफिस हो या स्कूल, हर जगह पर इंटरनेट की जरूरत पड़ती है. फोन में अनलिमिटेड डाटा न होने के कारण कई लोग अपने घरों में वाई-फाई को लगवाते हैं. आज के समय में सभी के घरों में वाई-फाई लगा होता है. आजतक, लेकिन किसी के मन में यह नहीं आया कि आखिर वाई-फाई कहां से आया. इसका नाम यही क्यों रखा गया है. आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं. इससे पहले जानते हैं कि आखिर वाई-फाई क्या है.
यह एक वायरलेस नेटवर्किंग तकनीक है. यह बिना किसी तार के डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ने का काम करती है. वाई-फाई रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए कार्य करती है. हम इसमें किसी भी डिजिटल तकनीक के प्रयोग से डाटा को भेजते और प्राप्त करते हैं.
कई लोग वाई-फाई को अलग नाम से जानते हैं. कई लोगों के लिए इसका मतलब Wireless Fidelity होता है. असली वाई-फाई का कोई भी मतलब नहीं है, बल्कि यह ब्रांड के नाम पर रखा हुआ था. इसे जानकर ऐसा बनाया गया था क्योंकि जितना छोटा यह था, लोगों के लिए उतना ज्यादा याद रखने योग्य था. इसे 1999 में वाई-फाई अलायंस द्वारा चुना गया था. इसके असली नाम की बात करें तो यह IEEE 802.11 रखा गया था लेकिन इस नाम को याद रखना आसान नहीं था, इसलिए ऐसा नाम चुना गया ताकि लोग इसे आसानी से बोल पाए. WIFI का नाम HI-FI से प्रेरित होकर रखा गया था.
कैसे करता है यह काम
बात की जाएं इसके काम करने की, तो WIFI में राउटर लगे होते हैं, जिससे उसे इंटरनेट से जोड़ा जाता है. रेडियो सिग्नल के द्वारा यह आसपास के डिवाइस में नेटवर्क पहुंचाने का काम करता है. डिवाइस का काम इन सिग्नल को इंटरनेट से कनेक्ट करना है. इसी कारण से इनका इस्तेमाल बिना किसी केबल या तार की मदद से इंटरनेट का उपयोग करने में होता है. यह किसी भी कंपनी की संपत्ति नहीं है. इसे Wi-Fi Alliance नाम के संगठन द्वारा संभाला जाता है. इसमें कई सारी टेक कंपनी हैं. यह जिस संगठन द्वारा संभाला जाता है, उसका काम वाई-फाई को सुरक्षित और लोगों के लिए और ज्यादा आसान बनाना होता है.
वाई-फाई में क्या होते हैं खतरे
जानकारी के अनुसार, वे लोग जो वाई-फाई का इस्तेमाल करते हैं. उनके नेटवर्क अगर सुरक्षित न हों तो साइबर हमलों के खतरे बढ़ जाते हैं. इसी कारण से कभी-कभार लोगों की पर्सनल चीजों और डाटा को भी हैक करके आसानी से निकाला जा सकता है. इसी कारण से वाई-फाई यूजर को सलाह दी जाती है कि वह हर किसी के साथ अपना वाई-फाई पासवर्ड शेयर न करें, वरना परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
