Barabanki Toll Plaza Clash: यूपी के बाराबंकी में टोल प्लाजा पर वकील के साथ मारपीट के बाद शुरू हुए बवाल के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए NHAI ने टोल वसूलने वाली एजेंसी ‘मेसर्स स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड’ का अनुबंध खत्म कर दिया है. एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
कारण बताओं नोटिस जारी
इधर, वकीलों ने एसपी ऑफिस का घेराव कर पुलिस अधीक्षक से आरोपी टोल कर्मियों पर गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की. इस मामले में पुलिस टोल मैनेजर सहित 5 लोगों को जेल भेजा जा चुका है. पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. घटना की गंभीरता को देखते हुए एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. कदाचार के लिए एजेंसी को एक वर्ष की अवधि के लिए एनएचएआई की किसी भी निविदा अथवा अनुबंध में भाग लेने से वंचित (डिबार) किया गया है.
5 करोड़ 30 लाख रुपये जब्त
NHAI के द्वारा जारी पत्र के मुताबिक बारा टोल प्लाजा के मौजूदा अनुबंध के तहत जमा की गई 5.3 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी/ प्रदर्शन सुरक्षा राशि को जब्त और भुनाने की भी कार्रवाई प्रस्तावित है.
क्या कहा NHAI ने….
यह घटना अनुबंध समझौते का गंभीर उल्लंघन है, जिसमें यह स्पष्ट रूप से निर्धारित है कि ठेकेदार द्वारा तैनात कर्मी आम जनता के साथ किसी भी प्रकार का कदाचार या दुर्व्यवहार नहीं करेंगे तथा अपने आचरण में पूर्ण अनुशासन और शालीनता बनाए रखेंगे. यह घटना एजेंसी द्वारा अनुशासन, उचित पर्यवेक्षण और अनुबंधीय दायित्वों के पालन में गंभीर विफलता को दर्शाती है. एनएचएआई सभी राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित और संरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है और टोल प्लाज़ाओं पर किसी भी प्रकार के कदाचार या अनुशासनहीनता के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाता है.
जानिए क्या है पूरा मामला?
यह घटना हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर स्थित गतौना टोल प्लाजा की है. प्रतापगढ़ निवासी वकील रत्नेश कुमार शुक्ला इलाहाबाद हाई कोर्ट में हैं. वह तीन अन्य अधिवक्ताओं के साथ 14 जनवरी को अपनी कार से लखनऊ जा रहे थे. जब वह टोल प्लाजा पर पहुंचे तो टोल कर्मियों से बहस हो गई. बहस होने के बाद टोल प्लाजा के कर्मचारी भड़क गए और वकील के साथ मारपीट की. इतना ही नहीं उनके साथ लूटपाट भी की गई. इस घटना में अन्य अधिवक्ता भी घायल हो गए थे.इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसके बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया.
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