Death due to air pollution in India: वायु प्रदूषण भारत में प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है. इस साल दिल्ली और नोएडा जैसे बड़े शहरों में एक्यूआई का लेवल इतना ज्यादा बढ़ गया कि लोगों को आंखों में जलन से लेकर सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा था. पहले के समय में जहां वायु प्रदूषण सिर्फ पर्यावरण के लिए चिंता का विषय था. अब के समय में वह स्वास्थ्य के लिए भी घातक बन चुका है.
इसी बीच कई एक्सपर्ट ने खुलासा किया है कि हवा के खराब होने के कारण लाखों की संख्या में लोग अपनी जिंदगी गवां रहे हैं. इस विषय पर कई बड़े हेल्थ इकोनॉमिस्ट द्वारा चिंता को जताया गया है. बता दें कि लोगों की हेल्थ के साथ-साथ यह उस देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाने का काम करता है. कई रिपोर्ट बताते हैं कि करीब 17 लाख से ज्यादा मौते वायु में प्रदूषण के कारण हो रही है. हर दिन के हिसाब से देखा जाए तो करीब 4 हजार के करीब लोग इस जहरीली हवा के कारण अपनी जान को खो रहे हैं.
कैसे पड़ता है अर्थव्यवस्था पर फर्क
जानकारी के अनुसार वायु प्रदूषण का सीधा असर देश की उत्पादकता और अर्थव्यवस्था पर भी देखा जाता है. बता दें कि रिपोर्ट के अनुसार भारत को अरबों डॉलर का नुकसान हर साल झेलना पड़ता है. 2019 में खराब वायु गुणवत्ता से होने वाली मौतों की संख्या से देश को 28 अरब डॉलर से भी ज्यादा का नुकसान हो गया था. इसके अलावा बीमारियों के कारण जो नुकसान हुआ वह 8 अरब डॉलर के करीब अनुमान लगाया गया था. इस नुकसान से भारत की जीडीपी पर भी भारी नुकसान देखा गया है.
WHO ने वायु प्रदूषण के कारण दिल से संबंधित बीमारी, लंग डिजीज, स्ट्रोक, निमोनिया और कई तरह के कैंसर होने की संभावना जताई है. अगर थोड़े समय के लिए भी प्रदूषण में लोग सांस लेते हैं तो शरीर की इम्यूनिटी अपने आप घट जाती है. इस प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण गर्भवती महिलाओं को नुकसान होता है. उन्हें डिलीवरी के समय पर शिशु के पैदा होने में दिक्कत, बच्चे का वजन कम होना या समय से पहले ही डिलीवरी हो जाने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है. WHO का कहना हैं कि यह दिक्कत हर साल बढ़ते जा रही है. एक तरफ जहां इस समस्या का सामाधान हो जाना चाहिए लेकिन इस समस्या से लोग और ज्यादा परेशान और बीमारियों का शिकार होते हुए दिखाई दे रहे हैं.
PM2.5 जैसे खतरनाक कणों के संपर्क में आ रहे लोग
बीते साल की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि 100% से भी ज्यादा की आबादी PM2.5 के संपर्क में आई है. इस खतरनाक वायु कण का असर सीधे हमारी स्वास्थ्य पर होता है. बता दें कि यह सबसे खतरनाक वायु प्रदूषक होता है.
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यहां पर दी गई जानकारी विशेषज्ञ और रिसर्च पर है. किसी भी चीज की सलाह लेने से पहले डॉक्टरों की सलाह लें. इसको मेडिकल सलाह के रूप में न लें.
