सोशल मीडिया में हाल ही में एक दावा किया जा रहा है. बता दें कि उस रील में कहा जा रहा है कि अगर कोई भी व्यक्ति या आपका कोई अपना दोस्त पार्टी देने से पीछे हट जाता है. तो ऐसे में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. इस रील के वायरल होने के बाद सभी लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या सच में सोशल मीडिया में किया गया यह दावा सच है या झूठ. आइए इसके पीछे की छिपी हुई जानकारी को देखते हैं.
कानूनी तौर पर किया गया एग्रीमेंट पर ही होगा केस
बता दें कि भारत में कोई भी किया गया दावा या कॉन्ट्रैक्ट तभी बनता है. जब उसे भारतीय कानून के अंदर कानूनी रूप से किया गया हो. इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट( 1872) में यह साफ तौर पर लिखा हुआ है कि बिना किसी भी कानूनी इरादे के किए गया एग्रीमेंट कोर्ट में लागू नहीं किया जा सकता है. इसी कारण से पार्टी देने का वादा किसी भी कानूनी आधार के अंदर नहीं आता है. अगर कोई भी घरेलू चीजों में वादा करता है या कुछ कसम खाता है. तो ऐसे में केस नहीं किया जा सकता है.
जानें क्या कहता है इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट की धारा 73
ऐसे में रील में किए गए दावे की इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट की धारा 73 के आधार पर आप अपने दोस्त को कोर्ट में ले जा सकते हैं. ऐसा दावा झूठ है. दरअसल, धारा 73 कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने के कारण हुए नुकसान के मुआवजे से रिलेटेड है. अगर आपने कानून में वैद्य तरीके से कॉन्ट्रैक्ट कर रखा है. तो बिजनेस डील, फाइनेंशियल अरेंजमेंट या सर्विस एग्रीमेंट पर इस कानून को लागू किया जा सकता है. इंडियन कोर्ट के अनुसार घरेलू वादों पर किसी तरह की कोई भी सुनवाई नहीं होती है. इन मामलों में कोर्ट की तरफ से किसी तरह की सुनवाई नहीं होती है. बता करें कि धारा 73 के अंदर इस मामले को कवर करने की तो यह बिल्कुल झूठ है. ऐसा कोई भी मामला इसके अंदर कवर नहीं होता है.
यहां पर दी गई जानकारी विशेषज्ञ और रिसर्च पर है. इनको मानने से पहले रिसर्च और जानकारी कर लें. thetruth24 किसी भी दावें की पुष्टि नहीं करता है.
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