अभी के समय में धूप और चिल्लचिल्लाती गर्मी से बच्चों से लेकर बूढ़े सभी लोग परेशान दिखाई दे रहे हैं. दोपहर के समय में धूप के कारण लोग लू की चपेट में आ जा रहे हैं, जिसके कारण उनकी तबियत खराब हो जा रही है. उत्तर प्रदेश में इसी गर्मी को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है. बता दें कि 40 से 42 डिग्री सेल्सियल तापमान होने की वजह से लोगों का जीवन पूरी तरीके से अस्त व्यस्त हो चुका है. इसी बीच प्रशासन के निर्देश में स्कूली बच्चों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है.
दरअसल, बच्चों की तबियत बिगड़ने की शिकायत के बाद में यह फैसला लिया गया है. यह फैसला चिलचिलाती धूप में घर आते समय बच्चों की तबियत खराब होने के बाद में लिया गया है.
क्या है फैसला
बता दें कि बच्चों की छुट्टी का समय उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 12 या 12:30 के करीब कर दिया है. हालांकि, कई लोगों का कहना हैं कि 12 बजे भी काफी कड़क धूप रहती है.
तापमान के बढ़ने के बाद में अभिभावक और शिक्षक संगठन बहुत टाइमिंग चेज करने की मांग कर रहे थे. कई लोगों एवं संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर गौर फरमाने के लिए कहा गया था. शिक्षकों और अभिभावकों का कहना था कि घर आते समय उनके बच्चे को लू जैसे परेशानी का सामना करना पड़ता है.
प्रशासन के निर्देश के बाद में कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने अभी की परिस्थितियों को देखते हुए कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल के समय में परिवर्तन कर दिया गया.
प्रतापगढ़, चंदौली, जौनपुर, संतकबीर नगर में स्कूलों का समय 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे कर दिया गया है.
औरैया और सोनभद्र में 7:00 बजे से 12:00 बजे स्कूलों का समय कर दिया गया है.
जालौन और हमीरपुर में सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे स्कूलों का समय कर दिया गया है.
बता दें कि मिर्जापुर में लेकिन 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए राहत की गई है.
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