Faridabad Jewar Expressway Accident: यह लेख फरीदाबाद-जेवर एक्सप्रेसवे निर्माण स्थल पर तेज आंधी के कारण एक विशाल क्रेन के बेकाबू होकर कंटेनर ऑफिस पर गिरने के भीषण हादसे को दर्शाता है. इस दुखद घटना में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए, जिसने निर्माण कार्य में सुरक्षा इंतजामों और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Faridabad Jewar Expressway Accident: फरीदाबाद में निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया. यह एक्सप्रेसवे फरीदाबाद को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है. फ्लाईओवर निर्माण का काम चल रहा था. तभी अचानक एक भारी क्रेन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई. मौके पर मौजूद मजदूर और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. शुरुआती जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए. इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर करीब 2 बजे तेज आंधी आई थी. इसी दौरान निर्माण स्थल पर खड़ी एक विशाल क्रेन अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई. बताया जा रहा है कि तेज हवाओं के कारण क्रेन को संभालना मुश्किल हो गया. कुछ रिपोर्टों में यह भी आशंका जताई जा रही है कि क्रेन की ब्रेकिंग प्रणाली में खराबी आ गई थी. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की असली वजह क्या थी. लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार तेज आंधी और तकनीकी गड़बड़ी दोनों को संभावित कारण माना जा रहा है. हादसे के बाद निर्माण स्थल पर काम पूरी तरह रोक दिया गया.
जानकारी के अनुसार अनियंत्रित होने के बाद क्रेन लगभग 700 से 800 मीटर तक ट्रैक पर आगे बढ़ती रही. इस दौरान उसे रोकने की कोशिश भी की गई. लेकिन वह नहीं रुकी. आगे जाकर यह दूसरी क्रेन से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दूसरी क्रेन संतुलन खो बैठी और पास में बने कंटेनर ऑफिस पर जा गिरी. यह कंटेनर निर्माण कंपनी का अस्थायी कार्यालय था. हादसे के समय वहां कई कर्मचारी मौजूद थे. अचानक हुए इस हादसे से कंटेनर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें मौजूद कई लोग मलबे के नीचे दब गए. इसी वजह से जानमाल का बड़ा नुकसान हुआ.
घटना के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया. पुलिस के साथ-साथ रेस्क्यू टीमें और भारी मशीनें मौके पर पहुंचीं. मलबा हटाने का काम लगातार जारी है. अब तक कुछ लोगों को बाहर निकाला जा चुका है. इनमें दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है. इसलिए हर हिस्से की सावधानी से जांच की जा रही है. बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटा हुआ है. मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जमा हो गए हैं. पूरे क्षेत्र में चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है.
इस हादसे ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि जांच में क्रेन की ब्रेकिंग प्रणाली में खराबी सामने आती है तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी. इसके अलावा क्रेन को रोकने के लिए लगाए गए सुरक्षा अवरोध भी उसे रोकने में नाकाम रहे. बताया जा रहा है कि क्रेन ने उन अवरोधों को भी तोड़ दिया. इससे साफ है कि सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं थे या फिर उनका रखरखाव सही तरीके से नहीं किया गया था. फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत कार्य पर है. वहीं हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है. विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस दुखद दुर्घटना के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है.
