UTTARAKHAND BJP CORE GROUP MEETING: उत्तराखंड बीजेपी कोर ग्रुप की हालिया बैठक राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बनी हुई है. इस बैठक में कई ऐसे फैसले और रणनीतियां सामने आईं जिन्होंने न केवल विपक्ष बल्कि पार्टी के अंदरूनी हलकों को भी हैरान कर दिया.

देहरादून: शनिवार को उत्तराखंड बीजेपी कोर ग्रुप बैठक हुई. इस बैठक में 2 पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत मौजूद नहीं थे. ऐसा पहली बार ऐसा हुआ जब कोर ग्रुप बैठक बिना प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी के संपन्न हुई. खास बात यह भी थी कि इसमें हरिद्वार से विधायक कौशिक भी मौजूद थे. बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर बैठक में आये थे.
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद पहली बैठक
ये बैठक14 फरवरी 2026 (शनिवार) को देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास होटल पद्मिनी में हुई. यह नई कार्यकारिणी के गठन के बाद पहली ऐसी अहम बैठक थी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की. प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी बैठक की अध्यक्षता में शामिल रहे.
सरकार और संगठन के बीच समन्वय-जेपी नड्डा
जेपी नड्डा ने खास तौर पर इस पर जोर दिया कि सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बने. उन्होंने प्रदेश मे संगठन और सरकार के मध्य बेहतर समन्वय विकास कार्यों की उपलब्धियों के लिए धामी सरकार की पीठ थपथपाई। वहीं तीन बिंदुओं पर फोकस इस बैठक में 27 के चुनावों में जीत को लेकर रणनैतिक मार्गदर्शन दिया.
कोर ग्रुप बैठक में शामिल हुये ये नेता
जेपी नड्डा (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष) – बैठक के मुख्य पर्यवेक्षक और अध्यक्ष, पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री), महेंद्र भट्ट (प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, राज्यसभा सांसद,अजय सिंह (प्रदेश संगठन महामंत्री), मदन कौशिक (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष),त्रिवेंद्र सिंह रावत (पूर्व मुख्यमंत्री), रमेश पोखरियाल निशंक (पूर्व मुख्यमंत्री),सतपाल महाराज (कैबिनेट मंत्री), धन सिंह रावत (कैबिनेट मंत्री), राज्य के सभी 6 लोकसभा और राज्यसभा सांसद (त्रिवेंद्र सिंह रावत और महेंद्र भट्ट को छोड़कर बाकी सभी).
बैठक से बाहर रहने वाले प्रमुख नेता
तीनों प्रदेश महामंत्री (संगठन के नियमित पदाधिकारी)
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत
कुछ अन्य मंत्री और नेता (जिन्हें आमंत्रण नहीं दिया गया)
बैठक का मुख्य मुद्दा और उद्देश्य
बैठक मुख्य रूप से 2027 विधानसभा चुनावों की रणनीति पर केंद्रित थी.हाल ही में भाजपा ने पूरे प्रदेश में इंटरनल सर्वे कराया था, जिसमें कई विधायकों की परफॉर्मेंस खराब पाई गई. इसी सर्वे के आधार पर चुनावी तैयारी, कमजोर और मजबूत सीटों का विश्लेषण और संगठनात्मक समीक्षा हुई.
प्रमुख चर्चा के विषय
प्रदेश में फिलहाल 5 मंत्री पद खाली हैं (वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद, परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निधन के बाद, और 3 पद शुरू से खाली). बैठक में इन पर चर्चा हुई और केंद्रीय नेतृत्व से विस्तार का प्रस्ताव रखा गया.
एक हफ्ते में जारी होगी दायित्वधारियों की लिस्ट
संगठन और सरकार के बीच समन्वय के लिए बोर्ड, निगम, आयोगों में जिम्मेदारियां सौंपने की लंबित सूची पर मंथन किया गया.सूची लगभग तैयार है और 1 सप्ताह के अंदर जारी होने की संभावना है.
चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी लिस्ट
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्वधारियों की सूची पर विस्तृत चर्चा हुई. सूची चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी. बैठक करीब 3-4 घंटे चली और काफी सकारात्मक माहौल रहा. यह बैठक इसलिए भी अहम थी क्योंकि हाल के सर्वे में कई विधायकों की चिंता बढ़ी हुई है, और 2027 चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने का यह पहला बड़ा कदम था.
पर्यवेक्षक के रूप में आए थे जेपी नड्डा
मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्व बंटवारे को लेकर भी महेंद्र भट्ट ने जानकारी दी. उन्होंने बताया निश्चित रूप से आज कोर कमेटी की बैठक में केंद्रीय प्रवेक्षक जेपी नड्डा के सामने ये बाते रखी गई. उन्होंने कहा उनके द्वारा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर आग्रह किया गया है. उन्होंने बताया की जेपी नड्डा ये सब नोट कर लिया है. इसका परिणाम जल्द ही देखने को मिलेगा. वहीं इसके अलावा दायित्वों की सूची आने वाले दिनों में जल्द जारी की जाएगी.
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