दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है. यूपी STF ने सपा के पूर्व सपा नेता को गिरफ्तार किया है.
वाराणसी: यूपी एसटीएफ ने करोड़ों रुपये के नशीले कफ सिरप फेन्सेडिल के अवैध व्यापार और तस्करी करने वाले एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है. ये मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल का करीबी बताया जा रहा है. पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसने करोड़ों रुपये की करीब एक लाख बोतल बेची थीं. एसटीएफ की पूछताछ में और भी खुलासे हो सकते हैं.
सपा का पूर्व नेता गिरफ्तार
कोडीन कफ सिरप में जिसकी गिरफ्तारी हुई है वो समाजवादी पार्टी युवजन सभा का पूर्व प्रदेश सचिव और हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुका है.
अमित कुमार यादव वाराणसी का रहने वाला है. अमित की गिरफ्तारी वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ रिंग रोड काशीधाम के पास से हुई है.
नशा कारोबारियों को बेची थी लगभग एक लाख बोतल
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने करोड़ों रुपये की लगभग 1 लाख बोतल फेन्सेडिल कफ सिरप को फर्जी कागजातों के जरिए नशा करने वालों और तस्करों को ऊंचे दामों पर बेचा था.
कई राज्यों में तस्करी
यह गिरोह नशीली दवाओं को उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक तस्करी करता था. आरोपी अमित यादव के पास से 1 आईफोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और नगदी बरामद की गई है.आरोपी के खिलाफ पहले से ही वाराणसी और लखनऊ में हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड आलोक सिंह (आलोक सिपाही) बताया जा रहा है, जिसे बर्खास्त किया जा चुका है. जांच में सामने आया कि शुभम जायसवाल, अमित यादव और मिलिंद यादव व्यापारिक साझेदार हैं और फर्जी फर्मों के जरिए नशे का कारोबार चला रहे थे. अब तक की कार्रवाई में77 से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. 332 फर्मों पर छापेमारी की गई है. ₹3,000 करोड़ से अधिक के अवैध टर्नओवर और दुबई कनेक्शन की बात सामने आई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में साफ कहा है कि इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और अपराधियों पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी है.
