abhishek sharma comeback: अभिषेक शर्मा ने लगातार तीन बार शून्य पर आउट होने के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ 55 रनों की शानदार पारी खेलकर दमदार वापसी की है. इस प्रदर्शन के बाद आर. अश्विन ने मोहम्मद आमिर की आलोचना का करारा जवाब देते हुए अभिषेक की बल्लेबाजी तकनीक को विश्व स्तरीय बताया है.

abhishek sharma comeback: आईसीसी पुरुष आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने शानदार वापसी की. उन्होंने 30 गेंदों में 55 रन बनाए. उनकी पारी में आत्मविश्वास साफ दिखा. इससे पहले इस टूर्नामेंट में वह लगातार तीन बार बिना खाता खोले आउट हुए थे. इसी वजह से उनकी फॉर्म पर सवाल उठ रहे थे. लेकिन इस मैच में उन्होंने सबको जवाब दिया. भारत ने यह मुकाबला 72 रन से जीत लिया. इस जीत में अभिषेक की पारी बहुत अहम रही. शुरुआत में उन्होंने संयम रखा. फिर सही मौके पर बड़े शॉट लगाए. टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. दर्शकों को एक भरोसेमंद शुरुआत भी मिली.
मैच के बाद पूर्व भारतीय स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर की टिप्पणी पर खुलकर आपत्ति जताई. आमिर ने कुछ दिन पहले अभिषेक को केवल बड़े शॉट लगाने वाला बल्लेबाज बताया था. उनका कहना था कि अभिषेक के खेल में बचाव वाला पक्ष कमजोर है. अश्विन को यह बात बिल्कुल सही नहीं लगी. उन्होंने साफ कहा कि अभिषेक को सिर्फ ताकत से खेलने वाला खिलाड़ी कहना गलत है. अश्विन के मुताबिक अभिषेक के पास बहुत उम्दा तकनीक है. उनका बल्ला घुमाने का अंदाज आज के दौर के बेहतरीन खिलाड़ियों में गिना जा सकता है.
अश्विन ने यह भी कहा कि अभिषेक के खेल में समझ और संतुलन दोनों हैं. लोग अक्सर उनकी आक्रामक शैली देखकर उन्हें गलत समझ लेते हैं. उन्होंने बताया कि अभिषेक के मार्गदर्शक युवराज सिंह रहे हैं. अश्विन के मुताबिक अभिषेक का बल्ला चलाने का तरीका बेहद साफ और ताकतवर है. गेंद उनके बल्ले से बहुत दूर तक जाती है. उन्होंने यह भी माना कि अभिषेक कभी कभी हर गेंद पर आक्रमण करने की कोशिश करते हैं. यही उनकी एक छोटी कमजोरी हो सकती है. लेकिन सिर्फ इसी वजह से उनके खेल को एक ही नजरिये से देखना सही नहीं है.
अभिषेक की इस पारी की तारीफ भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी की. गावस्कर ने कहा कि इस मैच में अभिषेक का अंदाज काफी समझदारी भरा था. उन्होंने शुरुआत में समय लिया. जल्दबाजी नहीं दिखाई. उन्होंने स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ संभलकर खेला. जरूरत न होने पर जोखिम नहीं उठाया. उन्होंने कुछ ऐसे बचाव वाले शॉट भी खेले जो आम तौर पर उनके खेल में कम दिखते हैं. गावस्कर के अनुसार यह पारी दिखाती है कि अभिषेक सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं. वह परिस्थितियों के अनुसार अपना खेल बदलना भी जानते हैं.
लगातार तीन बार बिना रन बनाए आउट होने के बाद इस तरह की वापसी आसान नहीं होती. लेकिन अभिषेक ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. उन्होंने खुद पर भरोसा रखा. सही गेंदों को चुना. टीम की जरूरत को समझा. अश्विन और गावस्कर जैसे दिग्गजों का समर्थन उनके लिए बहुत मायने रखता है. इससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत होगा. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या वह आगे के मुकाबलों में भी इसी लय को कायम रख पाते हैं. अगर ऐसा होता है तो भारतीय टीम को शीर्ष क्रम में एक भरोसेमंद बल्लेबाज मिल सकता है.
