pakistan afghanistan war 2026: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच छिड़ी खुली जंग पर चीन, रूस और ईरान ने गहरी चिंता जताते हुए मध्यस्थता की पेशकश की है. वहीं भारत ने पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक को उसकी घरेलू विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है.

pakistan afghanistan war 2026: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ता तनाव शुक्रवार रात खुली जंग में बदल गया. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के साथ-साथ कंधार और दूसरे इलाकों पर हवाई हमले किए. जवाब में अफगान सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अब सब्र की सीमा खत्म हो चुकी है. उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच खुली जंग बताया. पाकिस्तान ने अपने अभियान को ऑपरेशन गजब लिल हक नाम दिया है. पाकिस्तान का दावा है कि इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में तालिबान लड़ाके मारे गए हैं. दूसरी ओर अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके सैनिकों ने कई सीमावर्ती प्रांतों में करारा जवाब दिया है. अफगान सेना ने दो पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों समेत 19 चौकियों पर कब्जा करने का दावा भी किया है. हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं.
अफगान अधिकारियों के मुताबिक पकतिका. पकतिया. खोस्त. नंगरहार. कुनार और नूरिस्तान में जवाबी हमले किए गए. दोनों तरफ भारी हथियारों का इस्तेमाल हुआ. सीमा के पास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है. इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है. दुनिया के कई देशों ने दोनों पड़ोसियों से संयम बरतने की अपील की है. सभी ने कहा है कि बातचीत ही इस संकट का सही रास्ता है. क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरे की बात कही जा रही है.
इस टकराव पर चीन ने भी चिंता जताई है. चीन चाहता था कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते बेहतर हों. ताकि चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर को काबुल तक बढ़ाया जा सके. लेकिन मौजूदा जंग से उसकी योजना को झटका लगा है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन हालात को शांत करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है. उधर रूस ने भी दोनों देशों से तुरंत सीमा पार हमले रोकने की अपील की. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि नागरिकों की मौत बेहद चिंताजनक है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने सीधे सैन्य टकराव को खतरनाक बताया.
मध्य पूर्व से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने रमजान के महीने का हवाला देते हुए संयम और बातचीत की अपील की. उन्होंने कहा कि ईरान मध्यस्थता के लिए तैयार है. वहीं तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने पाकिस्तान. अफगानिस्तान. कतर और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों से फोन पर बातचीत की. सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने भी पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से बात की. सभी ने तनाव कम करने पर जोर दिया.
संयुक्त राष्ट्र ने भी हालात पर गहरी चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने को कहा है. उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को सबसे अहम बताया. इस बीच भारत की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. भारत ने शुक्रवार के ताजा हवाई हमलों पर अभी कोई नई टिप्पणी नहीं की है. लेकिन इससे पहले अफगानिस्तान पर हुए पाकिस्तानी हमलों की निंदा की गई थी. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि रमजान के पवित्र महीने में किए गए हमले बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं. उन्होंने इसे पाकिस्तान की घरेलू समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश बताया था.
