the kerala story 2 release: केरल हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने ‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज पर लगी 15 दिनों की रोक को हटाते हुए फिल्म को सिनेमाघरों में दिखाने की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने साफ किया कि रिलीज रोकने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है, जिससे रिलीज के दिन ही मेकर्स को बड़ी जीत मिली है.

the kerala story 2 release: फिल्म द केरल स्टोरी 2 के निर्माताओं के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. केरल हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने फिल्म की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है. अब यह फिल्म सिनेमाघरों में दिखाई जा सकेगी. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला लिया. इससे पहले फिल्म को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी. दर्शकों और थिएटर मालिकों में भी भ्रम की स्थिति थी. अब कोर्ट के आदेश के बाद फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है. मेकर्स का कहना है कि लंबे समय से वे इस फैसले का इंतजार कर रहे थे.
इससे पहले सिंगल जज की बेंच ने फिल्म पर 15 दिनों की रोक लगाई थी. कोर्ट को आशंका थी कि फिल्म के कंटेंट से सांप्रदायिक सौहार्द पर असर पड़ सकता है. दो याचिकाएं दाखिल की गई थीं. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि फिल्म केरल को गलत तरीके से दिखाती है. साथ ही इससे समाज में तनाव फैल सकता है. सिंगल जज ने इन्हीं बातों को आधार बनाकर अंतरिम आदेश दिया था. उसी आदेश के खिलाफ फिल्म के निर्माताओं ने डिवीजन बेंच में अपील की थी.
गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी. साथ ही सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से कहा गया था कि वह फिल्म से जुड़ी शिकायतों की जांच करे. इसके बाद शाम साढ़े सात बजे डिवीजन बेंच ने विशेष सुनवाई बुलाई. यह सुनवाई करीब दो घंटे चली. दोनों पक्षों ने अपनी बात विस्तार से रखी. इसके बाद बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
आज यानी 27 फरवरी को शाम चार बजे डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के आदेश पर रोक लगा दी. इस बेंच में जस्टिस एस ए धर्माधिकारी और जस्टिस पी वी बालकृष्णन शामिल थे. कोर्ट ने कहा कि फिलहाल फिल्म की रिलीज रोके जाने का कोई ठोस आधार नहीं बनता. इसी के साथ 15 दिन की रोक खत्म कर दी गई. यह फैसला उसी दिन आया जिस दिन फिल्म को रिलीज होना था. सुबह तक कई जगह टिकटों के पैसे लौटाए जा रहे थे. सिनेमाघर मालिक भी असमंजस में थे. दोपहर बाद अचानक हालात बदल गए. अब थिएटर दोबारा शो शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं.
दरअसल फिल्म पर रोक इसलिए लगी थी क्योंकि अदालत को पहली नजर में कुछ आपत्तिजनक बातों की आशंका दिखी थी. जज का कहना था कि सेंसर सर्टिफिकेट देते समय कानूनी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं हुआ हो सकता है. कोर्ट को यह भी लगा था कि फिल्म में किसी खास समुदाय को बदनाम करने वाली सामग्री हो सकती है. टीजर को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. कहा गया था कि बिना सही जांच के फिल्म को रिलीज करना ठीक नहीं है. लेकिन डिवीजन बेंच ने सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद रोक हटाने का फैसला किया. अब फिल्म की रिलीज पर कोई कानूनी अड़चन नहीं बची है.
