सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के हरीश राणा को इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दी थी. बेटे को ऐसी हालत में देखना काफी कष्टदायक ही था. इसी कारण से हरीश राणा के परिवार ने यह फैसला लिया था. पूरा परिवार 4586 दिन से बेटे की सेवा में लगा हुआ था.
सोशल मीडिया पर चारों तरफ हरीश की अंतिम विदाई का वीडियो वायरल हो रहा है. एक तरफ जहां मां-बाप के मन में बेटे को खोने की उदाशी है. तो वहीं, बेटे को कष्ट से मुक्त कर देने की राहत. वायरल वीडियो में महिला हरीश को सभी से माफी मांग, अलविदा करने की कह रही है. हरीश पूरे टाइम ऊपर ही देखते दिखाई दिए है. एम्स में उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से बिना कष्ट के विदाई दी जा रही है.
दरअसल, हरीश के साथ अगस्त 2013 में हादसा हुआ था. वह 2013 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा था. वह वहां सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक फाइनल ईयर का छात्र था. वहीं, पूरा परिवार पहले दिल्ली महावीर एन्क्लेव में तीन मंजिला मकान में रह रहा था. 20 अगस्त 2013 रक्षाबंधन के दिन पर उसने अपनी बहन से बात की थी. हालांकि, बहन को नहीं पता था कि कुछ ही देर में भाई के साथ कुछ ऐसा हो जाएगा.
दरअसल, एक घंटे बाद परिवार वालों को सूचना मिलती है कि उनका बेटा पीजी की चौथी मंजिल से नीचे गिर चुका है. बेटे की खबर सुनते ही पूरा परिवार गम में डूब गया था. हरीश 2013 से एक जिंदा लाश की तरह बिस्तर पर है. वह क्वाड्रिप्लेजिया से पीड़ित है. 2013 से ही यूरिन बैग और खाने पीने के लिए पाइप लगी हुई है.
हरिश के लिए इच्छा मृत्यु की मांग
बेटे को कष्ट में देखपर पूरे परिवार ने फैसला लिया था कि हरिश के लिए इच्छा मृत्यु की याचिका डाली जाए. साथ ही उसके अंगों का दान किसी जरूरतमंद के लिए किया जाए. हालांकि, 8 जुलाई 2024 में हाईकोर्ट ने परिवार की इस याचिका को खारिज कर दिया था. हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद परिवार वालों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मनीष जैन ने इस पूरे केस की निशुल्क पैरवी की और उसके बाद हरिश को इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दी.
देखभाल में दिन रात एक किया था परिवार ने
अशोक राणा अपनी बेटी की शादी कर चुके है. वहीं, भाई आशीष नौकरी करते हैं. वह नौकरी के साथ-साथ सुबह-सुबह 4.30 बजे उठकर फिजयोथेरपी में भी लग जाते थे. उसके बाद दवा से लेकर सभी कपड़ों आदि की देखरेख में लग जाते थे.
बड़े-बड़े अस्पतालों में इलाज कराने के बाद अब उन्होंने बेटे की इच्छा मृत्यु की याचिका दी थी. जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्य हो गई थी. बता दें कि हरीश को एम्स में इच्छा मृत्यु दी जाएगी. जहां उसकी फूड पाइप को निकाला गया और पानी के सहारे पर रखा गया था. वहां वह भगवान की इच्छा अनुसार अपने प्राण को त्याग देंगे.
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