जंग के कारण कई देशों में ऊर्जा का संकट देखने को मिल रहा है. अमेरिका द्वारा क्यूबा पर पूरी तरीके से ईधन देने का प्रतिबंध लगा दिया गया है. हालांकि, इसी बीच एक खबर सामने आ रही है. दरअसल, ईधन न होने की वजह से क्यूबा में बिजली पूरी तरीके से जा चुकी है. साथ ही वहां के सारे काम ठप हो चुके है. कुछ ही दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप में क्यूबा के कमजोर पड़ जाने के कारण अपने में शामिल करने की बात की थी.
इस बीच लेकिन ट्रंप को एक बार फिर भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है. बता दें कि क्यूबा की मदद करने के लिए रूस के तेल टैंकर क्यूबा की ओर बढ़ते दिखाई दिए हैं. रूस ने क्यूबा के लिए दो बड़े तेल टैंकर दो बड़े टैंकर मदद के लिए भिजवाएं.
जानकारी के अनुसार पहला टैंकर Sea Horse 1.9 लाख बैरल ईंधन लेकर क्यूबा की ओर बढ़ रहा है. वहीं दूसरा टैंकर Anatoly Kolodkin 7.3 लाख बैरल कच्चा तेल लाद कर आगे बढ़ता दिखाई दिया है.
अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बीच में रूस का यह कदम ट्रंप की नीतियों को चुनौती देने वाला है. ट्रंप ने पहले ही क्यूबा पर रूसी तेल न लेने के लिए प्रतिबंध लगाया हुआ था. अमेरिका में क्यूबा की मदद करने और रूसी तेल लेने वालों पर कार्रवाई होने की बात कही थी.
रूस और चीन आए क्यूबा की मदद के लिए
हालांकि, रूस के संग चीन भी मदद के लिए आगे आया है. चीन ने क्यूबा को सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स देकर उनकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की है. वहीं, रूस ने इस संकट से बाहर आने के लिए तेल के साथ-साथ आर्थिक सहायता देने की बात भी की है.
चीन और रूस के इस कदम के बाद में देखना यह है कि आखिर अब आगे क्या फैसला अमेरिका लेता है.
