मिर्जापुर से एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिससे की सरकार पर काफी बड़े सवाल खड़े हो रहे है. दरअसल, यहां पर 15 दिनों के भीतर में ही गया प्लाटून पुल गिर कर टूट गया है. मामले के बाद से पूरे इलाके में सनसनी का माहौल है. हालांकि, हालात ऐसे हो गए कि लोगों को दर्शन करने के लिए अभी भी उसी पुल से होकर जाना पड़ रहा है. लोगों का इस तरह अपनी जान के साथ खेलना काफी चिंताजनक है.
जानकारी के अनुसार यह पुल हरसिंहपुर और विध्यांचस गांव को जोड़ने का काम करता है. पुल का उद्घाटन 15 दिन पहले ही विधायक रत्नाकर मिश्रा ने किया था. 15 दिन में ही पुल के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों में गुस्से का माहौल है. हालांकि, रत्नाकर मिश्रा ने पुल के गिरने पर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही करना उनके साथ-साथ उनकी पार्टी की भी छवि को खराब कर सकता है.
इसी की वजह से सरकार ने एक्सईएन को मामले को गंभीरता से लेने के आदेश जारी किए है. साथ ही पुल की मरम्मत और उसके निर्माण के लिए भी सख्त से सख्त निर्देश जारी किए है. उन्होंने कड़ी फटकार लगाते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द मामले को सुलझाने की बात की है.
स्थानीय लोगों का कहना हैं कि ऐसा सरकार के भष्ट्राचार का नतीजा है.
वहीं, विभाग ने उस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा हैं कि पुल को सहीं तरीके से स्थापित करने में परेशानी आ रही है. पानी का लेवल बढ़ जाने के कारण पीपा डालना काफी मुश्किलें पैदा कर रहा हैं. हालांकि, लोग उनके इन काम से गुस्से में है. लोगों के साथ पुल के ऊपर पर राजनीति भी काफी तूल पकड़ते हुए दिखाई दे रही है. समाजवादी पार्टी ने वहां की सरकार यानी की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कई चीजें कही है. साथ ही पुल की गुणवत्ता पर भी कड़े सवाल खड़े किए है. वहीं, जबाव में विधायक ने कहा कि पहले की सरकार ने भी अपने कार्यकाल में स्थायी सामाधान देने का काम नहीं किया है.
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