trade of about 16 billion Doller between India and Bangladesh and India supplies 17 percent of Bangladesh electricity
Trade relations between India and Bangladesh: बांग्लादेश में बढ़ते हुए हिंसा को देखते हुए, अगर भारत देश कुछ कदम उठाता है तो बांग्लादेश के अर्थवयवस्था को भारी नुकसान देखना पड़ सकता है. आज हम आपको भारत और बांग्लादेश ट्रे़ड रिलेशन के बारे में बताएंगे.
Trade relations between India and Bangladesh: बांग्लादेश में बढ़ते हुए हिंसा को देख कर लग रहा है कि इस देश की इकोनॉमी कभी भी गिर सकती है, एक डाटा से पता चला है कि बांग्लादेश पर करीब 104.48 अरब डॉलर यानी लगभग 8.7 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गया है. राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा के चलते ये देश कभी भी दिवालिया हो सकती है. यहां कम रेवन्यू और इन्वेस्टमेंट में कमी ने सरकारी खजाने को पूरी तरीके से खाली कर दिया है. सारी बड़ी कंपनिया बांग्लादेश छोड़ने का काम कर रही है. कभी ये देश बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला देश था, जो समय के साथ पीछे जा रहा है. इतना ही नहीं बांग्लादेश में हिंदूओं पर हो रही हिंसा अपने चरम पर पहुंच गया है, इसमें ध्यान देने वाली बात ये है कि भारत सरकार का इसे लेकर क्या सोचना है.
भारत देश की वजह से बांग्लादेश को काफी फायदा पहुंचता है, दोनों देशों के बीच गहरा व्यापार और कारोबार होता है. लेकिन जैसा रैवया बांग्लादेश दिखा रहा है उसके कारण ये देश खुद ही भूख से तड़पने लगेगा. बांग्लादेश में गेंहू, चावल, चीनी, प्याज, आलू, लहसन, मसाले, फल, सब्जियां, कपास, रिफाइन, पेट्रोल, डीजल, प्लास्टिक, स्टील, दवाएं यहां तक की बिजली सप्लाई भारत से ही होती है. बिना भारत के बांग्लादेश का काम नहीं चल सकता है. 2022 से लेकर 2023 की बात करें तो बस एक ही साल में कुल करीब 16 अरब डॉलर का व्यपार हुआ था. वहीं इसमें बांग्लादेश से भारत की खरीद करीब 2 अरब डॉलर की होती है और भारत करीब 14 अरब डॉलर का समान बांग्लादेश को बेचता था.

भारत का एक फैसला और बत्ती गुल
बांग्लादेश में बिजली की सप्लाई भी भारत करता है, एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इसमें भारत की हिस्सेदारी करीब 17 फीसदी है. यानी भारत का एक फैसला और पूरा बांग्लादेश अंधेरे में डूब सकता है, और बहुत सारे समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इतना ही नहीं भारत की सिर्फ एक प्राइवेट कंपनी उस देश में अकेले करीब 1500 मेगावाट के बीजली की सप्लाई करने का काम करता है.

भारत पर टिकी है बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था
बांग्लादेश का सबसे बड़ा सहारा उसका टेक्सटाइल उद्योग है. यह उद्योग भारत से कपास और जूट खरीदकर सस्ते श्रम के बल पर दुनिया को कपड़े निर्यात करता है. भारत अपने कुल कपास और जूट का लगभग 35 फीसदी हिस्सा बांग्लादेश को देता है. इस उद्योग का देश की जीडीपी में करीब 11 फीसदी योगदान है. अगर कच्चे माल की यह सप्लाई रुकी तो निर्यात, रोजगार और विदेशी मुद्रा तीनों पर गहरा असर पड़ेगा.
कुल मिलाकर बांग्लादेश की आर्थिक सेहत काफी हद तक भारत से जुड़े रिश्तों पर टिकी है. भारत से सस्ती और नजदीकी सप्लाई जैसी सुविधा उसे किसी और देश से आसानी से नहीं मिल सकती है. चीन या अन्य देशों से आयात महंगा पड़ेगा और कर्ज का बोझ और बढ़ेगा. ऐसे हालात में भारत से टकराव की नीति बांग्लादेश के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. मौजूदा संकट से निकलने के लिए उसे स्थिरता, सहयोग और व्यावहारिक फैसलों की जरूरत है.
