PM Modi 5 Nation Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 मई से शुरू होने वाली पांच देशों (यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) की यात्रा का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इस यात्रा के दौरान पारंपरिक तेल-गैस के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों पर महत्वपूर्ण समझौते होने की उम्मीद है.

PM Modi 5 Nation Visit 2026: दुनिया में इस समय ऊर्जा को लेकर चिंता बढ़ रही है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर तेल की आपूर्ति पर पड़ रहा है. कई देशों में तेल की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे माहौल में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा है. इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 तक पांच देशों के महत्वपूर्ण दौरे पर जा रहे हैं. इस यात्रा का मुख्य फोकस ऊर्जा सहयोग रहेगा. इसमें पारंपरिक तेल और गैस के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा और नई स्वच्छ तकनीकों पर भी चर्चा होगी. यह दौरा भारत की उस नीति को दिखाता है जिसमें देश अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए स्थिर और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है.
प्रधानमंत्री के इस दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से होगी. यहां वे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे. दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सहयोग मुख्य मुद्दा रहेगा. यूएई भारत के लिए बेहद अहम साझेदार है. यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार भी है और तेल आपूर्ति का बड़ा स्रोत है. पश्चिम एशिया में अस्थिरता के बीच यूएई भारत के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है. बातचीत में व्यापार, निवेश और वहां रहने वाले 45 लाख से ज्यादा भारतीयों के हितों पर भी चर्चा होगी. दोनों देश अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी ध्यान देंगे.
दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड्स जाएंगे. यह यात्रा 15 से 17 मई तक होगी. यहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मार्क रुटे से होगी. दोनों देशों के बीच हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, नवाचार और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर बातचीत होगी. स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नीदरलैंड्स को काफी अनुभव है. भारत इस अनुभव का लाभ लेना चाहता है ताकि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम की जा सके. दोनों देशों के बीच व्यापार भी लगातार बढ़ रहा है. हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है.
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन जाएंगे. यहां वे प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन से मुलाकात करेंगे. यह बैठक गोथेनबर्ग शहर में होगी. बातचीत में हरित परिवर्तन, जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयास और नई तकनीकों पर चर्चा होगी. साथ ही मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाने पर भी जोर दिया जाएगा. दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 7.75 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन के साथ यूरोपीय उद्योग जगत के एक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे.
दौरे का चौथा चरण नॉर्वे में होगा. यहां प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे से मिलेंगे. यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि 43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे जा रहा है. यहां स्वच्छ तकनीक, हरित ऊर्जा और ब्लू इकॉनमी यानी समुद्री संसाधनों पर आधारित अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा होगी. इसी दौरान ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन भी होगा. इसमें डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता भी शामिल होंगे. इस यात्रा का आखिरी पड़ाव इटली होगा. वहां प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान, तकनीक, व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर खास जोर दिया जाएगा.
