nitin gadkari ethanol policy: तहसीन पूनावाला ने नितिन गडकरी का पुराना वीडियो शेयर कर एथेनॉल नीति को अमेरिका की कॉपी बताया है और उन्हें पद से हटाने की मांग की है.

nitin gadkari ethanol policy: देश भर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिले पेट्रोल यानी E20 को लेकर बहस छिड़ी हुई है. इसी बीच एक नया विवाद सामने आ गया है. सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक पुराना वीडियो जारी किया है. पूनावाला का आरोप है कि सरकार ने भारत की एथेनॉल नीति को अमेरिका से सीधे कॉपी-पेस्ट किया है. उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए गडकरी को तुरंत पद से हटाने की मांग उठाई है.
क्या है वायरल वीडियो में
सामने आए वीडियो में नितिन गडकरी भारत में नियम और मानक बनाने में होने वाली देरी पर बात कर रहे हैं. वे बताते हैं कि किसी भी मानक को बनाने में सरकारी विभागों को तीन से चार साल लग जाते हैं. गडकरी कहते नजर आ रहे हैं कि इस देरी से बचने के लिए उन्होंने अधिकारियों से अमेरिकी कानून को आधार बनाने को कहा था. उनका तर्क था कि अमेरिका और यूरोप में सुरक्षा नियमों पर पहले ही काफी काम हो चुका है. इसलिए वहां के नियमों में जरूरी बदलाव करके भारतीय मानक तैयार किए जा सकते हैं.
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
उसी वीडियो में केंद्रीय मंत्री गडकरी यह भी स्पष्ट करते दिख रहे हैं कि नियमों को तेजी से बनाने का मतलब सुरक्षा से खिलवाड़ करना नहीं है. वे कहते हैं कि 100 फीसदी एथेनॉल, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और हाइड्रोजन ईंधन जैसे नए क्षेत्रों के लिए नियम तय किए जा रहे हैं. उनकी सलाह बस इतनी थी कि काम में बेवजह की देरी न हो. हालांकि यह वीडियो कब और किस कार्यक्रम का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है.
पूनावाला ने लगाए गंभीर आरोप
तहसीन पूनावाला लंबे समय से E20 पेट्रोल के इस्तेमाल का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि 20 फीसदी एथेनॉल वाला पेट्रोल पुरानी गाड़ियों के इंजन और माइलेज को नुकसान पहुंचाता है. वीडियो साझा करते हुए पूनावाला ने आरोप लगाया कि मंत्री ने कोर्ट में कहा था कि उनका एथेनॉल नीति से कोई लेना-देना नहीं है, जबकि वीडियो में वे खुद इसे लागू कराने की बात कर रहे हैं. पूनावाला ने E20 पेट्रोल को तुरंत वापस लेने और गडकरी को पद से बर्खास्त करने की मांग की है.
संसद में दिए जवाब पर उठे सवाल
इस पुराने वीडियो के सामने आने के बाद गडकरी के संसद में दिए हालिया बयान पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पिछले महीने संसद में दिए गए एक लिखित जवाब में गडकरी ने कहा था कि E20 नीति को भारतीय ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन (ARAI) और अन्य संस्थानों के सालों के शोध के बाद लागू किया गया है. सरकार का दावा है कि इस ईंधन मिश्रण से इंजन खराब होने का कोई सबूत नहीं मिला है.
वाहन चालकों की शिकायतें और सरकार का रुख
हालांकि, साल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के कई मालिक लगातार शिकायत कर रहे हैं. उनका कहना है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है. सरकार ने भी यह माना है कि एथेनॉल मिश्रण से माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है. फिलहाल तहसीन पूनावाला के इन आरोपों पर नितिन गडकरी या केंद्र सरकार की तरफ से कोई नया बयान सामने नहीं आया है.
