उत्तर प्रदेश के रामपुर के स्वार टांडा के विधायक के बेटे ने तहसील के सरकारी अस्पताल का पुलिस बल के साथ निरीक्षण किया. इस मामले के तूल पकड़ने के बाद CMO ने एडिशनल सीएमओ के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित कर दी है.
विधायक पुत्र ने किया अस्पताल का निरीक्षण
उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. रामपुर की स्वार तहसील के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वार टांडा के विधायक शफीक अहमद अंसारी के बेटे ने पुलिस बल के साथ निरीक्षण किया है. इस दौरान विधायक पुत्र सरकारी प्रोटोकॉल को भी तोड़ते हुए नजर आए. विधायक पुत्र ने चिकित्सा अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं.
CMO ने गठित की जांच कमेटी
जब यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो रामपुर की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) दीपा सिंह ने तुरंत ही एडिशनल सीएमओ के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित कर दी है. सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो में दिखाई दे रहा है कि विधायक पुत्र बिना किसी वैधानिक अधिकार के एमबीबीएस एमडी जैसे डॉक्टरों को साइड में करके उनकी कुर्सी पर बैठा है.
विधायक के आने की थी सूचना- CMO
अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद विधायक पुत्र ने सोशल मीडिया पर इस भौकाल का वीडियो भी वायरल करवाया. जैसे ही मामले ने तूल पकड़ा तो जांच के आदेश दिए गए हैं. CMO दीपा सिंह के मुताबिक विधायक के आने की सूचना थी, लेकिन उनकी जगह पर उनके बेटे का आना और निरीक्षण करते हुए कुर्सी पर बैठना किसी भी प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं था.
जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक विधायक पुत्र को कुर्सी ऑफर नहीं की गई थी. CMO ने सवाल उठाया है कि विधायक के पुत्र को किसी नियम के तहत भारी पुलिस बल दिया जाता है. CMO का कहना है कि जांच के आधार पर शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. विधायक पुत्र की इस तरह से पुलिस बल के साथ घूमना और सरकारी ऑफिसों में अपनी मनमानी करना चर्चा का विषय बना हुआ है.
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