Mathura Boat Accident Update: यूपी के मथुरा जिले में यमुना नदी में नाव पलटने की दुखद घटना में शुक्रवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई. अभी भी बचाव अभियान जारी है और कई लोग अभी भी लापता हैं.
मथुरा: मथुरा में आस्था का सफर अचानक मातम में बदल गया, जब यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलट गई. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. वहीं करीब 5 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है. मुख्यमंत्री योगी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.
क्या हुआ था हादसे के वक्त?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव में सवार श्रद्धालु श्रृंगार घाट से केशी घाट की ओर जा रहे थे. सभी “राधे-राधे” का जाप करते हुए भक्ति में लीन थे, तभी अचानक नाव अनियंत्रित होकर पैंटून पुल से टकरा गई. टक्कर इतनी तेज थी कि नाव बीच धारा में ही पलट गई और लोग गहरे पानी में गिर पड़े.
लापता की तलाश
अभी भी 5 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनके लिए NDRF, SDRF और स्थानीय गोताखोर यमुना की गहरी और तेज लहरों के बीच सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.देर रात हादसे वाली नाव को भी बाहर निकाल लिया गया. आगरा डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय के अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कुछ लोग लापता हैं और उनकी तलाश के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं. डीआईजी ने कहा है कि मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
क्षमता से ज्यादा सवार थे यात्री
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक लोग बैठे हुए थे, जिससे संतुलन पहले ही बिगड़ा हुआ था. साथ ही, पैंटून पुल में हालिया बदलाव के कारण नदी की धारा भी बदल गई थी, जिससे नाविक का नियंत्रण कमजोर पड़ गया.
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
ADM (न्यायिक) वेद प्रिय आर्य ने बताया कि सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और जल्द ही सभी लापता लोगों को खोजने की कोशिश की जा रही है. प्रशासन पीड़ित परिवारों के संपर्क में है. वहीं, पंजाब के लुधियाना से विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.
सुरक्षा में बड़ी लापरवाही
इस हादसे में सबसे बड़ी चूक सुरक्षा मानकों की अनदेखी रही. किसी भी यात्री ने लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी, जिससे पानी में गिरते ही लोग खुद को संभाल नहीं सके. यमुना की गहराई और तेज बहाव ने स्थिति को और भयावह बना दिया.
पीड़ित परिवारों का दर्द
परिवार वालों के मुताबिक, कई श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन घूमने के लिए गए थे. हादसे से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए वीडियो और कॉल किए थे, लेकिन अचानक आई इस खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया.
