आगरा के बाह क्षेत्र में गड्ढे में एम्बुलेंस फंसने से एक नवजात की मौत हो गई. घटना के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पीडब्लूडी के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
आगरा के बाह तहसील क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां क्षतिग्रस्त सड़क पर एंबुलेंस लगभग 2 घंटे तक कीचड़ और गड्ढों में फंसी रही. इसके कारण प्रसव पीड़िता को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका. अस्पताल पहुंचने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद डॉक्टरों ने नवजात बच्ची को मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने PWD के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की है.
बरसात में हुआ सड़क का बुरा हाल
जानकारी के मुताबिक पूरी घटना बाह तहसील के गढ़बार गांव की है. ग्रामीणों के मुताबिक गांव को जोड़ने वाला लिंक मार्ग लगभग एक महीने पहले बरसात के दौरान मुकुंदपुरा के पास कट गया था, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया था. आरोप है कि सड़क की स्थिति की जानकारी संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले भी दी जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई।
2 घंटे तक फंसी रही एम्बुलेंस
ग्रामीणों ने बताया कि 2 सितंबर की रात गांव निवासी प्रवेन्द्र सिंह की पत्नी निधि को प्रसव पीड़ा हुई. इस दौरान परिजनों ने रात लगभग एक बजे सरकारी एंबुलेंस को फोन किया. एंबुलेंस गांव पहुंची, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण आगे नहीं बढ़ सकी. बताया गया कि एंबुलेंस करीब दो घंटे तक रास्ते में ही फंसी रही.
इसके बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से एंबुलेंस को किसी तरह बाहर निकाला. एंबुलेंस के पीड़िता के घर पहुंचने के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने प्रसव कराया, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण नवजात की जान नहीं बचाई जा सकी.
