Akhilesh yadav offer to up deputy cm: अखिलेश यादव ने यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्रियों को 100 विधायक जुटाकर मुख्यमंत्री बनने का खुला चैलेंज देकर सियासी पारा चढ़ा दिया है. वहीं, बीजेपी ने इसे अखिलेश की हताशा बताते हुए खारिज किया है, जबकि सीएम योगी निवेश के लिए विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं.

Akhilesh yadav offer to up deputy cm: उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विदेश दौरे से पहले बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रेजेश पाठक को खुला संदेश दिया. अखिलेश यादव ने कहा कि जो सौ विधायक लेकर आएगा, वही मुख्यमंत्री बनेगा. उन्होंने यह बात मजाकिया लहजे में नहीं, बल्कि सीधे राजनीतिक चुनौती के रूप में कही. उनका कहना था कि सत्ता में वही आएगा, जिसके पास विधायकों का समर्थन होगा. इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया. हर तरफ इसी बात पर चर्चा होने लगी कि यह बयान केवल तंज है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संकेत छिपा हुआ है.
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि वे पहले भी यह बात कह चुके हैं और आज फिर दोहरा रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि दोनों उपमुख्यमंत्री चाहें तो सौ विधायक जुटाकर मुख्यमंत्री बन सकते हैं. उनका इशारा सत्तारूढ़ दल के अंदर कथित असंतोष की ओर माना जा रहा है. इस बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के समर्थकों में उत्साह देखा गया. वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान आने वाले समय की रणनीति का हिस्सा हो सकता है. साथ ही यह भी माना जा रहा है कि अखिलेश यादव सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कड़ा पलटवार भी सामने आया. पार्टी के प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि यह बयान राजनीतिक निराशा को दिखाता है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव अब गंभीर नेता कम और मनोरंजन करने वाले किरदार ज्यादा लगते हैं. उनका आरोप था कि अखिलेश यादव हर मुद्दे को हल्के अंदाज में लेते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता को विकास और स्थिरता चाहिए. जनता केवल बयानबाजी और कटाक्ष की राजनीति से अब संतुष्ट नहीं है.
इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विदेश दौरा भी चर्चा में है. वे बाईस फरवरी की रात आधिकारिक यात्रा पर सिंगापुर और जापान के लिए रवाना होंगे. इस यात्रा के दौरान उनका मुख्य उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना और प्रदेश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है. कार्यक्रम के अनुसार वे जापान में अत्याधुनिक चुंबकीय रेल परियोजना का निरीक्षण करेंगे. वे तेज गति से चलने वाली रेल में सौ किलोमीटर की परीक्षण यात्रा भी करेंगे. साथ ही प्रस्तावित टोक्यो नागोया कॉरिडोर का भी अवलोकन करेंगे.
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री निवेशकों से मुलाकात करेंगे. विभिन्न औद्योगिक समूहों के साथ उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर बातचीत होगी. धार्मिक स्थलों के दर्शन का कार्यक्रम भी तय है. सरकार का कहना है कि इस यात्रा से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर बनेंगे. आधुनिक परिवहन और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी. वहीं दूसरी ओर, अखिलेश यादव के बयान और भाजपा के जवाब के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है. आने वाले दिनों में इस बयानबाजी का असर प्रदेश की राजनीति पर साफ दिखाई दे सकता है.
