Ayodhya Murder Case 2026: अयोध्या के कंडेला गांव में रामलगन मौर्य की हत्या के बाद मुख्य आरोपी की बहन ने सीएम योगी को पत्र लिखकर पुलिस पर सरेंडर के बाद फर्जी एनकाउंटर की आशंका जताई है.

Ayodhya Murder Case 2026: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से सामने आए सनसनीखेज रामलगन मौर्य हत्याकांड में अब एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है. पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के कंडेला गांव में जमीनी रंजिश के चलते हुई इस हत्या के बाद इलाके में भारी तनाव है. एक तरफ जहां पुलिस और एसएसपी (SSP) गौरव ग्रोवर फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ मामले के मुख्य आरोपी की बहन ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी भेज दी है. उसने अपनी शिकायत में स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले सवाल खड़े किए हैं.
जमीनी विवाद में हुई थी रामलगन मौर्य की हत्या
यह पूरा मामला बुधवार, 26 अगस्त का है, जब कंडेला गांव में जमीन के एक पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था. इस खूनी संघर्ष के दौरान रामलगन मौर्य नाम के शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. एसएसपी गौरव ग्रोवर ने खुद मौके पर जाकर घटनास्थल का मुआयना किया था. इसके अलावा उन्होंने अस्पताल जाकर घायल महिला और परिजनों से हाल-चाल जाना था. पुलिस कप्तान ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी के लिए कई विशेष पुलिस टीमों का गठन भी किया था.
आरोपी की बहन का दावा: भाई ने थाने में कर दिया है सरेंडर
अब इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्य आरोपी राज सिंह की बहन गोल्डी उर्फ मनू सिंह (पत्नी संतोष सिंह) सामने आई है. उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक लिखित पत्र भेजा है. अपनी चिट्ठी में गोल्डी ने दावा किया है कि उसके भाई राज सिंह (पुत्र स्व. सूर्यभान सिंह) ने घटना वाले दिन यानी 26 अगस्त को ही कानून का पालन करते हुए आत्मसर्पण कर दिया था. उसका कहना है कि उसके भाई ने पूरा कलंदर थाना प्रभारी और सीओ अयोध्या के समक्ष खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था.
फर्जी एनकाउंटर का सता रहा है डर
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में आरोपी की बहन ने पुलिस की नीयत पर गंभीर आशंका जताई है. उसने लिखा है कि पुलिस उसके भाई को हिरासत में रखकर बेहद अमानवीय तरीके से प्रताड़ित कर रही है. गोल्डी ने डर जताया है कि पुलिस उसके भाई को किसी भी वक्त झूठी मुठभेड़ (फर्जी एनकाउंटर) में मार सकती है. परिवार का कहना है कि उन्हें खाकी की नीयत पर बिल्कुल भरोसा नहीं रहा. इसी वजह से उन्हें न्याय के लिए सीधे सूबे के मुखिया का दरवाजा खटखटाना पड़ा है.
परिवार ने सीएम से मांगी निष्पक्ष जांच की गारंटी
पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि इस संवेदनशील मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए. उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और कानूनी दायरे में रहकर जांच कराई जाए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो न्याय की पूरी प्रक्रिया निष्फल हो जाएगी और उनके परिवार को ऐसा नुकसान होगा जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी. परिवार का मानना है कि जो भी कानूनी प्रक्रिया हो, वह पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए ताकि किसी बेगुनाह के साथ गलत न हो.
पुलिस की कार्रवाई और उठते सवालों के बीच बढ़ा तनाव
एक तरफ जहां अयोध्या पुलिस फरार चल रहे बाकी आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी की बहन के इन आरोपों ने खाकी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है. अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से इस पत्र पर क्या संज्ञान लिया जाता है. क्या पुलिस प्रशासन इन आरोपों पर सफाई देगा या मामले की जांच की दिशा बदलेगी. फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और पूरे इलाके में इस मोड़ को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
